पोस्ट

अगस्त 7, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कहां ‘चूक’ गए इम्तियाज़ अली?

‘‘साला’ तो ठीक, लेकिन ‘साली’ है गाली’- ग़ालिब असद भोपाली