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फिल्म हरामखोर शिक्षकों को गलत रूप में पेश करती है

फिल्म 'हरामखोर' आपत्तिजनक विषय के कारण अटक गई है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से ही इनकार कर दिया है। इससे पहले फिल्म 'उड़ता पंजाब' भी ड्रग्स के विषय से जुड़े सीन्स के कारण अटक गई थी। वहीं फिल्म 'ये है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ' के निर्माता भी सेंसर बोर्ड पर आरोप लगा रहे हैं...

फिल्म 'हरामखोर' को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया वहीं फिल्म 'ये है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ' को लेकर भी विवाद शुरू हो गया

शिक्षक और छात्रा की लव स्टोरी

श्लोक शर्मा की इस फिल्म में 14 साल की एक छात्रा (श्वेता त्रिपाठी) और शिक्षक (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) के बीच प्रेम संबंधों की कहानी है। ऐसी खबरें हैं कि फिल्म की स्क्रीनिंग सेंसर बोर्ड के सामने गई लेकिन बोर्ड ने फिल्म को पास करने से मना कर दिया है।


क्या कहते हैं निर्माता

सिख्या एंटरटेनमेंट की निर्माता गुनीत मोंगा ने बताया, 'हां, उन्होंने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि फिल्म का सब्जेक्ट आपत्तिजनक है। उन्होंने किसी भी सीन को काटने को नहीं कहा, बल्कि फिल्म को पास करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह शिक्षकों को गलत रूप में पेश करता है।

'मोंगा ने कहा कि उन्होंने बोर्ड के सदस्यों को फिल्म का संदर्भ समझाने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने कहा कि फिल्म का विषय स्वीकार्य नहीं है.मोंगा अब एफसीएटी जाएंगे।

फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड मिले

हरामखोर फिल्म का प्रीमियर न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जहॉं नवाजुद्दीन को एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था। वहीं 17 वें जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल में सिल्वर गेटवे ऑफ इंडिया ट्रॉफी मिली थी।

ये है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ में भी कट

सेंसर बोर्ड हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'उड़ता पंजाब' को 22 कट के साथ पास अड़ गया था लेकिन अनुराग कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट जाकर केवल एक कट के साथ फिल्म को पास करा लिया।

इसी के चलते याकूब मेमन (1993 बम ब्लास्ट का अपराधी) की फांसी पर बनी फिल्म 'ये है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ' को लेकर भी विवाद शुरू गया है हो। निर्माताओं का कहना है कि कई बार रिजेक्शन और सर्टिफिकेट की मजबूरी में उन्हें फिल्म से कई अहम सीन हटाने पड़े हैं।

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