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October, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फिल्म समीक्षा : अंधाधुन

कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनके अगले सीन को देखने की हिम्मत नहीं होती और उसे देखे बिना चैन भी नहीं पड़ता। ऐसी ही फिल्म इस सप्ताह भी रिलीज़ हुई है। उस फिल्म का नाम है ‘अंधाधुन’। आयुष्मान खुराना, राधिका आप्टे, तब्बू सरीखे कलाकारों से सजी इस फिल्म को श्रीराम राघवन ने बनाया है। फिर आइए करते हैं समीक्षा। 

फिल्म : अंधाधुन
निर्माता : वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स, मैचबॉक्स पिक्चर्स 
निर्देशक : श्रीराम राघवन
कलाकार : आयुष्मान खुराना, तब्बू, राधिका आप्टे, अनिल धवन
स्टार्स : 4 
श्रीराम राघवन अलग तरह की सिनेमा बनाने वालों की कतार में आते हैं। गिनी-चुनी फिल्में ही निर्देशित करते हैं। अब तक आई पांच फिल्मों में ‘जॉनी गद्दार’, ‘एक हसीना थी’, ‘एजेंट विनोद’, ‘बदलापुर’ के बाद ‘अंधाधुन’ लेकर आए हैं। फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद ही फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई थी। 
कहानी  यह कहानी एक पियानो प्लेयर (आयुष्मान खुराना) की है, जो अंधा है। वो अपनी गर्लफ्रेंड सोफी (राधिका आप्टे) के रेस्तरां में पियानो बजाकर गुजारा करता है। वहीं, दूसरी तरफ सिमी (तब्बू) हैं, जिनको अमीर बनने के लिए एक प्रमोद सिन्हा (अनिल धवन) से शादी करनी प…

फिल्म समीक्षा : लवयात्री

सलमान खान ने अपने होम प्रोडक्शन के तले फिल्म बनाई है, जिसका नाम है ‘लवयात्री’। इस फिल्म से उनके जीजा जी यानी अर्पिता खान के पति आयुष शर्मा का सिने करियर शुरू हो गया। साफ-साफ कहें, तो आयुष शर्मा की डेब्यू मूवी है। फिर आइए जानते हैं, कैसी बनी है फिल्म। 

फिल्म : लवयात्री
निर्माता : सलमान खान
निर्देशक : अभिराज मीनावाला
कलाकार : आयुष शर्मा, वरीना हुसैन, राम कपूर, रोनित रॉय
सगीत : तनिष्क बागची
स्टार्स : 2
अब जो सबको मौका देता है, भला अपने करीबियों के मदद के लिए क्यों न आगे आएगा। लिहाजा अपनी लाड़ली बहन के पति को लेकर सलमान ने फिल्म बनी दी। इस फिल्म से तीन लोग अपने-अपने करियर का आगाज़ कर रहे हैं। पहले तो आयुष शर्मा ही हैं, साथ में वरीना हुसैन और निर्देशक अभिराज मीनावाला भी अपने निर्देशकीय पारी शुरू कर रहे हैं। 
कहानी
अब कहानी गुजरात के बड़ोदरा में रहने वाले सुश्रुत (आयुष शर्मा) की है। इनको प्यार से ‘सुसु’ कहते हैं। ‘सुसु’ के जीवन का सिर्फ एक ही लक्ष्य है, गरबा इंस्टट्यूट खोलना। पढ़ाई-लिखाई से कोई खास लेना देना नहीं है। सीरीयस सिर्फ लोगों को गरबा सिखाने के समय ही होते हैं। 
‘सुसु’ की ज़िंदगी में तूफ…

फिल्म समीक्षा : पटाखा

एक बार फिर विशाल भारद्वाज अपने चिर-परिचित अंदाज़ यानी कि ठेठ देसीपन के साथ हाजिर हैं। इस बार वो 'पटाखा' लेकर आए हैं। चरण सिंह पथिक के उपन्यास ‘दो बहनें’ पर बनी इस फिल्म में सान्या मल्होत्रा, राधिका मदन, सुनील ग्रोवर और विजय राज सरीखे कलाकार हैं। अब यह फिल्म कैसी बनी है, आइए करते हैं इसकी समीक्षा।
निर्माता : विशाल,रेखा भारद्वाज,ईशान सक्सेना,अजय कपूर 
निर्देशक : विशाल भारद्वाज
कलाकार : सान्या मल्होत्रा, राधिका मदान, सुनील ग्रोवर, विजय राज,नमित दास
संगीतकार : विशाल भारद्वाज 
जॉनर :कॉमेडी -ड्रामा
रेटिंग :4/ 5 

कहानी  ‘बड़की’ चंपा कुमारी और ‘छुटकी’ गेंदा कुमारी दो बहनें हैं और दोनों को एक-दूजे से इतनी नफरत रहती है कि हमेशा गुत्थम-गुत्थी ही करती रहती थीं। 
इन दो बहनों का शगल लड़ना है, वैसे ही एक ऐसा बंदा है, जिसको इनकी लड़ाई इतनी भाती है कि डिब्बा-कनस्तर पीट-पीट कर खुश होता है। उसका नाम है ‘डिप्पर’। 
एक-दूसरे की जान की प्यासी इन बहनों की आंखों में सपने भी पलते हैं। एक को अपना डेयरी खोलना है, जो दूजी को टीचर बनना है। 
इनके सपने में पलीता ‘बापू’ की मजबूरी से लगता है। दरअसल, ‘बापू’ को अचानक …

फिल्म समीक्षा: सुई धागा

‘सुई-धागा’ फिल्म कहानी है मौजी (वरुण धवन) और उसकी पत्नी ममता (अनुष्का शर्मा) की। मौजी अपना परिवार चलाने के लिए एक शोरूम में काम करता है।‘दम लगा के हईशा’ बना चुके शरत कटारिया अब  फिल्म ‘सुई-धागा’ लेकर आए हैं। यह फिल्म वर्तमान उपनगरीय परिवेश में रहने वाले वाले किरदारों के सादगी भरे जीवन की कहानी कहती है।