प्रेक्षा मेहता ने 'सुसाइड नोट' में लिखी आत्महत्या की वजह



'क्राइम पेट्रोल', 'मेरी दुर्गा' और 'लाल इश्क' सरीखे शोज़ का हिस्सा रह चुकी प्रेक्षा मेहता ने 25 वर्ष की उम्र में इंदौर में अपने घर पर आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था, 'सबसे बुरा होता है सपनों का मर जाना।' वहीं मरने से पहले प्रेक्षा ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने इस कदम की वजह का खुलासा किया है। 

Preksha Mehta
टीवी एक्ट्रेस प्रेक्षा मेहता ने इंदौर के अपने घर पर सीलिंग फैन से लटक कर आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय अभिनेत्री प्रेक्षा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा था, 'सबसे बुरा होता है सपनों का मर जाना।'


वहीं उन्होंने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने द्वारा उठाए जाने वाले इस कदम के पीछे की वजह का खुलासा किया है। 


मौत को गले लगाने से पहले प्रेक्षा मेहता ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने लिखा, 'मेरे टूटे हुए सपनों ने मेरे कॉन्फिडेंस का दम तोड़ दिया है। मैं मरे हुए सपनों के साथ नहीं जी सकती। इस निगेटिविटी के साथ रहना मुश्किल है। पिछले एक साल से मैंने बहुत कोशिश की। अब मैं थक गई हूं।' 

प्रेक्षा अकेली सीढ़ियों पर बैठी रही 

एक एंटरटेनमेंट पोर्टल को प्रेक्षा मेहता की कजिन ने बताया कि बचपन से ही प्रेक्षा काफी होनहार थी, लेकिन कुछ दिनों से वह काफी शांत थी। कजिन का कहना है, 'बीती रात पूरा परिवार कार्ड खेल रहा था, लेकिन प्रेक्षा घर की सीढ़ियों पर अकेले ही बैठी हुई थी। चाची ने उससे पूछा भी कि वो ठीक तो है, तो उसने हां में ही जबाव दिया। रात दस बजे के आसपास प्रेक्षा अपने कमरे में गई और इंस्टाग्राम पर वो पोस्ट किया। अगली सुबह जब चाची उसे योगा करने के लिए जगाने गई तो कमरा बंद मिला। चाची ने मदद के लिए सभी को बुलाया।'

बता दें प्रेक्षा कई टीवी सीरियल्स में नज़र आ चुकी थीं, जिनमें 'क्राइम पेट्रोल', 'मेरी दुर्गा', 'लाल इश्क' शामिल हैं। वहीं प्रेक्षा टीवी सीरियल्स के साथ थिएटर में भी काफी सक्रिय रही हैं। उन्होंने मंटो का लिखा नाटक ‘खोल दो’ प्ले किया था, जो उनका पहला प्‍ले था। 

उनके इस थिएटर प्ले को काफी सराहा मिली थी, जिसे बाद वो ‘खूबसूरत बहू', 'बूंदें', 'प्रतिबिंबित', 'पार्टनर्स', 'थ्रिल', 'अधूरी औरत’ जैसे नाटकों में काम किया। अपने अभिनय के लिए प्रेक्षा को तीन राष्ट्रीय नाट्य उत्सवों में फर्स्ट प्राइज भी मिले थे।