अभिनेत्री कुमकुम का निधन, कही जाती हैं गुरुदत्त की खोज



गुरुदत्त की खोज कही जाने वाली अभिनेत्री कुमकुम का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। बिहार के शेखपुरा में जन्मी कुमकुम का असली नाम ज़ैबुनिस्सा था और उनके पिता हुसैनाबाद के नवाब थे। कुमकुम को पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाईबो' की लीडिंग लेडी के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा 'मिस्टर एक्स इन बॉम्बे', 'मदर इंडिया', 'आंखे', 'प्यासा' आदि फिल्मों में भी नज़र आ चुकी हैं। 

Actress KumKum
बॉलीवुड का एक और सितारा अस्त हो गया। बीते जमाने की अभिनेत्री कुमकुम का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कुमकुम बीते काफी समय से बीमार थीं। मुंबई के लिंकिंग रोड में उनके नाम यानी 'कुमकुम' नाम की बिल्डिंग थी, जिसे बाद में तोड़ कर बिल्डिंग बना दी गई।

22 अप्रैल 1934 को बिहार के शेखपुरा में जन्मीं कुमकुम का असली नाम ज़ैबुनिस्सा था और उनके पिता हुसैनाबाद के नवाब थे। 

कुमकुम, गुरुदत्त की खोज कही जाती हैं। दरअसल, गुरुदत्त को अपनी फिल्म 'आर-पार' (1954) के गाने 'कभी आर कभी पार लागा तीरे नजर' का फिल्मांकन एक्टर जगदीप पर करना था, लेकिन बाद में गुरुदत्त को लगा कि इसे किसी महिला पर फिल्माना चाहिए। उस समय, कोई भी इतना छोटा सा गाना करने के लिए राजी नहीं था, तब आखिरकार गुरुदत्त ने कुमकुम पर इस गीत को फिल्माया। बाद में गुरुदत्त ने अपनी फिल्म 'प्यासा' में भी उन्हें छोटी-सी भूमिका निभाई थी। 

अपने फिल्मी करियर में तकरीबन 115 फिल्में करने वाली कुमकुम ने किशोर कुमार, धर्मेद्र, गुरुदत्त के साथ स्क्रीन शेयर किया है। उनकी यादगार फिल्मों में 'मिस्टर एक्स इन बॉम्बे', 'मदर इंडिया', 'सन ऑफ इंडिया', 'कोहिनूर', 'उजाला', 'नया दौर', 'श्रीमान फंटूश', 'एक सपेरा एक लुटेरा', 'आंखे' में शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है।

यही नहीं पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाईबो' की लीडिंग लेडी भी कुमकुम ही थीं। 

कुमकुम के निधन के बाद अभिनेता जगदीप के बेटे नावेद जाफरी ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने लिखा, 'हमनें एक और मोती खो दिया। मैं बचपन से इन्हें जानता था। वह हमारे लिए परिवार थीं। एक अच्छी इंसान। भगवान आपकी आत्मा को शांति दें, कुमकुम आंटी।'

इसके अलावा अभिनेता जॉनी वॉकर के बेटे नासिर ने भी कुमकुम से जुडी कुछ बातें अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कीं।

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