जया बच्चन, अमिताभ बच्चन और रेखा के लव ट्राइएंगल वाली 'सिलसिला'

अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रेखा, संजीव कुमार और शशि कपूर सरीखे कलाकारों से सजी 'किंग ऑफ रोमांस' यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'सिलसिला' से बतौर गीतकार जावेद अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत की थी। विवाहेत्तर संबंध पर बनी इस फिल्म को दर्शकों ने तब नकार दिया था, लेकिन आज इस फिल्म और इसके गानों को दर्शक खूब पसंद करते हैं। 14 अगस्त 1981 में रिलीज़ हुई इस फिल्म से जुड़े कुछ दिलचस्प क़िस्से आपके लिए लेकर आए हैं।

Amitabh Bachchan, jaya bachchan and Rekha in Film 'Silsila'

जया बच्चन, अमिताभ बच्चन और रेखा एक-दूजे से यूं जु़ड़े हैं कि इनमें से किसी दो का नाम लो, तो तीसरा खुद-ब-खुद उसमें शामिल हो जाता है। तीनों को एक साथ स्क्रीन पर देखने का सपना साल 1981 में यश चोपड़ा ने पूरा किया। यह बात तब की है, जब अमिताभ-रेखा के 'अफेयर' की ख़बरों से फिल्मी पत्रिकाएं अटी रहती थीं।

ख़ैर, बात करते हैं 'सिलसिला' की। अमिताभ बच्चन के करियर की 55वीं फिल्म के बनने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। सौम्य बंदोपाध्याय ने अपनी किताब 'अमिताभ बच्चन' में सिलसिला की कास्टिंग और फिल्म से जुड़ी कई बातें बताई हैं।

जया-रेखा से पहले स्मिता-परवीन

फिल्म 14 अगस्त, 1981 को काफी उम्मीदों के साथ रिलीज़ हुई, क्योंकि 'किंग ऑफ रोमांस' ने इस फिल्म में प्यार के कई रंग भरे थे। ऊपर से उनकी फिल्म में अमिताभ बच्चन, रेखा और जया बच्चन की तिकड़ी के साथ शशि कपूर और संजीव कुमार सरीखे महारथी भी थे। हालांकि, इस जबरदस्त कास्टिंग के लिए यश चोपड़ा को काफी मेहनत करनी पड़ी। दरअसल, अमिताभ और जया शादीशुदा थे, लेकिन उन दिनों अमिताभ और रेखा की नजदीकियों की खबरें फिल्म मैगज़ीन्स में काफी जगह पा रही थीं। ऐसे में यश चोपड़ा अमिताभ के साथ रेखा और जया को साथ में लाने का सोच भी नहीं सकते थे। इसलिए उन्होंने इस फिल्म के लिए स्मिता पाटिल और परवीन बाबी को फाइनल कर लिया था, लेकिन अमिताभ के पूछने पर उन्होंने रेखा और जया को अपनी फीमेल लीड की चॉइस बताया।

फिर क्या, दोनों तब फिल्म 'कालिया' की शूटिंग कश्मीर में कर रहे थे। फटाफट कश्मीर से मुंबई पहुंचे और रेखा-जया से मीटिंग करने के बाद फाइनल हो गया कि फिल्म 'सिलसिला' में अमिताभ-जया-रेखा होंगे। हालांकि, मसला स्मिता पाटिल और परवीन बॉबी को फिल्म से निकालने पर आ कर फंस गया। ऐसे में यश चोपड़ा ने शशि कपूर और रोमेश शर्मा का सहारा लिया।

रोमेश शर्मा से यश चोपड़ा ने कहा कि वो परवीन बॉबी से जाकर कह दें कि फिल्म में किसी और को ले लिया है। जबकि शशि कपूर से स्मिता पाटिल को संदेश भिजवाया गया कि उनका किरदार किसी और अभिनेत्री को दे दिया गया है।

संजीव कुमार ने इस वजह से भरी हामी

अब दिक्कत यह थी कि यश चोपड़ा इस फिल्म के लिए संजीव कुमार को चाहते थे, लेकिन संजीव ने फिल्म करने से साफ मना कर दिया। दरअसल, उनका मानना था कि वो अमिताभ से सीनियर हैं और उनकी फिल्मों में साइडकिक प्ले करना उन्हें ठीक नहीं लगता है। इससे पहले संजीव कुमार अमिताभ बच्चन के लीड रोल वाली ‘शोले’ और ‘त्रिशूल’ में ऐसी भूमिकाएं कर चुके थे।

यश उनको बहुत मनाते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद यश ने संजीव कुमार से कहा कि आप एक बार स्क्रिप्ट तो सुन लीजिए। बात रखने के लिए संजीव, यश से कहानी सुनने लगे। आधी कहानी निकल चुकी थी। तभी एक सीन आया और संजीव कुमार ने यश चोपड़ा को रोक दिया। इसके बाद उन्होंने अपने ऑफिस फोन लगाया और इस फिल्म के लिए डेट देने बुक करने के लिए कह दिया। यह फिल्म का वही सीन था, जहां अमिताभ, संजीव, रेखा और जया एक रेस्तरां में बैठे होते हैं। जब डांस करने की बारी आती है, तो अमिताभ जया के बजाय अपने साथ रेखा को लेकर चले जाते हैं।

दरअसल, संजीव कुमार ने फिल्म की उस सिचुएशन में फंसी जया को लेकर ही फिल्म करने की हामी भरी थी। संजीव, जया को बहुत मानते थे।

जावेद अख्तर की बतौर गीतकार शुरुआत

इस फिल्म से जावेद अख्तर ने बतौर गीतकार अपने करियर की शुरुआत की। यश चोपड़ा इसे एक पोएटिक फिल्म बनाना चाहते थे और इसके गाने लिखवाने के लिए साहिर लुधयानवी से मिलने पहुंचे। यश चोपड़ा की कई फिल्मों के गाने साहिर ने लिखे थे, लेकिन इस फिल्म के गाने लिखने से इंकार कर दिया था। दरअसल, कुछ ही दिन पहले साहिर की मां की मृत्यु हुई थी और वो काफी दुखी थे। इसके बाद यश चोपड़ा ने जावेद अख्तर से गाने लिखने की गुजारिश की। तब तक सलीम-जावेद की जोड़ी यश के लिए ‘दीवार’, ‘त्रिशूल’, और ‘काला पत्थर’ जैसी फिल्में लिख चुकी थी। जावेद फिल्मों के अलावा कविताएं भी लिखते थे, लेकिन कम लोग इस बारे में जानते थे। उन कम लोगों में यश चोपड़ा भी शामिल थे। शुरू में गाना लिखने को लेकर जावेद ने ना-नुकर किया, लेकिन बाद में मान गए। फिल्म ‘सिलसिला’ के लिए जावेद ने पहली बार कोई फिल्मी गाना लिखा था और यह गाना था ‘देखा एक ख्वाब’। ये गाना बहुत पसंद किया गया, जिसके बाद से जावेद अख्तर ने लिरिक्स भी लिखने शुरू कर दिए।

'सिलसिला' के संगीतकार शिव-हरि

संतूर वादक शिव कुमार शर्मा और बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया की बतौर म्यूजिक डायरेक्टर यह पहली फिल्म थी। इन्होंने शिव-हरि के नाम से म्यूजिक देते थे। फिल्म के गीतकार और संगीतकार दोनों ही नए थे। इसलिए यूनिट के बाकी सदस्य भी फिल्म के संगीत में बराबर हस्तक्षेप करते रहे। अमिताभ बच्चन ने फिल्म में दो नए गाने जुड़वाए। एक गाना था 'नीला आसमान', जिसकी धुन शम्मी कपूर ने फिल्म 'ज़मीर' की शूटिंग के दौरान अमिताभ को सुनाई थी। हालांकि, शम्मी कपूर से अमिताभ ने इजाजत मांगी थी, लेकिन शम्मी को अपनी बनाई धुन याद नहीं थी। लिहाजा उन्होंने अमिताभ से कहा, 'वो गाना अब तुम्हारा है, उसके साथ जो जी चाहे करो।'

अमिताभ ने फिल्म में दूसरा गाना जुड़वाया, वो था ‘रंग बसरे भीगे चुनर वाली’। यह उनके पिता डॉ. हरिवंशराय बच्चन की लिखी हुई कविता थी, जिसे गाने में तब्दील किया गया। इसे आज भी होली के मौके पर बजते हुए सुना जा सकता है।

अमिताभ-यश के रिश्ते में आई खटास

फिल्म ‘सिलसिला’ से काफी उम्मीदें थीं। जबरदस्त कास्ट के साथ तैयार हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में औसत प्रदर्शन किया था। दरअसल, उस दौर में इस फिल्म के कॉन्सेप्ट को बहुत मॉडर्न माना गया। कहा ये भी गया कि ये कहानी अमिताभ, जया और रेखा के रियल लाइफ लव स्टोरी पर बेस्ड थी, लेकिन इन अफवाहों पर मेकर्स ने खारिज कर दिया।

फिल्म के पिटने का असर यश चोपड़ा और अमिताभ के रिश्ते पर भी पड़ा। यश ने किसी फिल्म के प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमिताभ के बारे में कहा कि वो अपने काम को लेकर ईमानदार नहीं हैं। अमिताभ भी फिल्म के फ्लॉप होने से चिढ़े हुए थे, उन्होंने जवाब दिया कि यदि यश इतने ही प्रोफेशनल थे, तो फिर परवीन और स्मिता को फिल्म से निकालने की खबर उनसे क्यों भिजवाई थी। तब उनका प्रोफेशनलिज़्म कहां गया था। इसके बाद उन्होंने यश चोपड़ा के गुलशन राय से पैसे को लेकर चल रही खींचतान का भी ज़िक्र कर दिया।

इसके बाद से यश ने बतौर डायरेक्टर अपनी किसी भी फिल्म में अमिताभ को नहीं लिया। हालांकि इस सब के 19 साल बाद उनके प्रोडक्शन हाऊस यशराज फिल्म्स में बनी ‘मोहब्बतें’ (2000) में एक बार फिर अमिताभ बच्चन दिखाई दिए, लेकिन ये फिल्म यश के बेटे आदित्य चोपड़ा ने निर्देशित की थी।

'सिलसिला' के फ्लॉप होने की वजह

वहीं फिल्म 'सिलसिला' के फ्लॉप होने की वजह अमिताभ बच्चन ने बताई थी। उनका कहना था कि फिल्म की कहानी की वजह से फिल्म पिट गई। दरअसल, फिल्म के आखिर में रेखा अपने पति संजीव के पास वापस चली जाती है। यदि वो अपने पति के बजाय प्रेमी अमिताभ के पास वापस आती, तो शायद ये फिल्म चल सकती थी। इसके अलावा यह अमिताभ और रेखा की आखिरी फिल्म थी, जिसमें दोनों ने एक साथ काम किया। इसके बाद दोनों ने फिर कभी स्क्रीन शेयर नहीं किया।

हालांकि, फिल्म ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर एवरेज बिजनेस किया, लेकिन आज के समय में 'सिलसिला' बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों में से एक मानी जाती है। ये फिल्म रेखा के दिल के बहुत करीब है।

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