Lootcase Review: कॉमेडी, क्राइम, ड्रामा से भरपूर , फुल एंटरटेनमेंट



कुणाल खेमू, गजराज राव, रणवीर शौरी, विजय राज, रसिका दुग्गल सरीखे कलाकारों से सजी फिल्म 'लूटकेस' डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हुई है। राजेश कृष्णन के निर्देशन में बनी कॉमेडी जॉनर की फिल्म एक ऐसे बेचारे 'आम' आदमी की कहानी है, जिसे किस्मत से पैसों से भरा सूटकेस मिल जाता है, जिसके तार एक नेता, दो अपराधी गैंग के अलावा पुलिस ऑफिसर से जुड़े होते हैं। आइए चलिए जानते हैं, कैसी बनी है यह फिल्म। 

Film 'Lootcash' review

फिल्म: लूटकेस 
निर्माता : फॉक्स स्टार स्टूडियोज़ , सोडी फिल्म्स प्रोडक्शंस
निर्देशक: राजेश कृष्णन
कलाकार: कुणाल खेमू, रणवीर शौरी, विजय राज, गजराज राव, रसिका दुग्गल, आर्यन प्रजापति, सुमित निझावन, और रणवीर शौरी
ओटीटी : डिज्नी प्लस हॉटस्टार
रेटिंग: 4.5/5

दर्जनों कमर्शियल बना चुके राजेश कृष्णन इस बार पूरी फिल्म लेकर मैदान में उतरे हैं। राजेश कृष्णन के निर्देशन में बनी कुणाल खेमू, गजराज राव, रसिका दुग्गल, रणवीर शौरी और विजय राज जैसे कलाकारों से सजी फिल्म 'लूटकेस' डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज़ हुई है। इस फिल्म को राजेश कृष्णन और कपिल सावंत ने मिल कर लिखा है। 

कहानी 

एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले नंदन कुमार (कुणाल खेमू) की सीधी-सादी लाइफ में ट्विस्ट तब आता है, जब उनके हाथ पैसों से भरा एक सूटकेस लग जाता है। इस बैग को देखने के बाद नंदन भविष्य के सुनहरे सपने देखने लगते हैं। अपनी आम सी जिंदगी को खास बनाने में जुट जाते हैं। इधर जिसके पैसे हैं, जिसका बैग है, वो भी इसके पीछे लग जाते हैं। नेता से लेकर अपराधी गैंग और फिर पुलिस ऑफिसर। 

क्या वो पैसों से भरा बैग नंदन के सपनों को साकार कर पाएगा, या फिर पुलिस उसे अपने कब्जे ले लेगी या फिर अपराधियों के हत्थे चढ़ जाएगा। सब जानने के लिए समय निकालिए और देख डालिए यह फिल्म। 

समीक्षा 

अमूमन कॉमेडी के दो किस्म देखने को मिलते हैं। एक ऋषिकेश मुखर्जी, उत्पल दत्त वाली, तो डेविड धवन, कादर खान, शक्ति कपूर टाइप की। फिल्म 'लूटकेस' आपको ऋषिकेश मुखर्जी के नज़दीक वाली लगेगी। फिल्म का निर्देशन राजेश कृष्णन ने किया है, जो इससे पहले कई सारे कमर्शियल बना चुके हैं। इनके कमर्शियल की खासियत यह है कि इन्हें देखते वक्त आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। 

ख़ैर, कमर्शिल के बाद दो घंटे की फिल्म लेकर आए राजेश का तरीफ बनती है। डायरेक्शन तारीफ के काबिल है, तो वहीं दीपक सावंत के साथ मिलकर उन्होंने फिल्म का स्क्रीनप्ले भी लिखा है, जो जबरदस्त है। यह फिल्म अपने ट्रैक से बिलकुल भी नहीं डगमगाती है। 

पैसों से भरे बैग पर पहले भी फिल्म बन चुकी हैं, लेकिन इस फिल्म का ट्रीटमेंट काफी अच्छा है। वहीं फिल्म के डायलॉग काफी शानदार है। फिल्म में आपको अच्छा खासा ह्यूमर देखने को मिला। इस साफ-सुथरी फिल्म को आप अपने परिवार के साथ भी देख सकते है। फिल्‍म कॉमेडी के साथ साथ क्राइम को भी छूती हैं।

इस फिल्म की स्टारकास्ट काफी दिलचस्प है। बेचारे पति, आम आदमी की भूमिका में कुणाल खेमू खूब जंचे हैं। वहीं पत्नी बनी रसिका दुग्गल भी जबरदस्त रहीं। वहीं डॉन बने विजय राज अलग अंदाज़ में नज़र आए और फिल्म में वो छा गए। वहीं नेता बने गजराज राव भी अपने अभिनय से आपका दिल जीत लेते हैं। रणवीर शौरी का किरदार मुंबई पुलिस में एक एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट है। इस किरदार को रणवीर ने बेहतरीन तरीके से निभाया है। 

ख़ास बात

भले ही इस फिल्म को क्लासिक फिल्मों न शुमार किया जाए, लेकिन आज के दौर में बनी यह बढ़िया फिल्म है। स्क्रीनप्ले में कसावट के साछ अच्छी एडिटिंग और बेहतरीन निर्देशन के साथ उम्दा अदाकारी, जब इतनी कुछ एक साथ मिले, तो फिल्म का बेहतरीन होना बनता ही है। देखने लायक फिल्म है। समय निकालिए और देख लीजिए।

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