Avrodh Review: 'उरी' के पीछे की कहानी है 'अवरोध'



साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया, जिसका भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर मुंहतोड़ जवाब दिया। इस घटना पर बॉलीवुड में फिल्म भी बनी, जिसमें विक्की कौशल मुख्य भूमिका में दिखाई दिए। अब इसी घटना के इर्द-गिर्द बुना एक और कहानी डिजिटल प्लेटफॉर्म सोनी लिव 'अवरोध: द सीज़ विद इन' नाम से उतरी है। यह वेब सीरीज़ शिव अरुर और राहुल सिंह की किताब 'इंडियाज़ मोस्ट फीयरलेस' पर आधारित है।

Sony Liv Web series 'Avrodh: The Siege within' review
वेब सीरीज़ : अवरोध: द सीज़ विद इन
निर्माता : एप्लॉज़ एंटरटेनमेंट, इरादा एंटरटेनमेंट
निर्देशक: राज आचार्या
कलाकार : अमित साध, नीरज काबी, मधुरिमा तुली, दर्शन कुमार, अनिल जॉर्ज, विक्रम गोखले, आरिफ ज़कारिया
ओटीटी: सोनी लिव
एपिसोड्स : 9
जॉनर : वॉर पॉलिटिकल थ्रिलर 
रेटिंग: 3/5

शिव अरूर और राहुल सिंह की किताब 'इंडियाज़ मोस्ट फीयरलेस' के एक चैप्टर पर आधारित 'अवरोध: द सीज़ विद इन' की कहानी विक्की कौशल की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'उरी' से जुदा नहीं है। एक ही घटनाक्रम पर यह दोनों बने हैं, लेकिन दो घंटे की फिल्म और नो एपिसोड की वेब सीरीज़ में काफी कुछ अलग है। साथ ही कई सारे एंगल्स भी इसमें देखने को मिलेंगे। चलिए शुरू करते हैं समीक्षा। 

कहानी

यह वेब सीरीज़ जिस घटनाक्रम पर बेस्ड है, उसके बारे में लगभग सभी जानते हैं। इस वेब सीरीज़ में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक भी दिखाई गई है और राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर हुई गहमागहमी भी। हालांकि, यह वेब सीरीज़ सिर्फ आतंकी हमले और जवाबी कार्यवाही तक नहीं है, बल्कि उसके इर्द-गिर्द घट रही घटनाओं और प्रभावों को भी दिखाती है। आतंकी हमले के पीछे की साजिश, तैयारी आदि को भी विस्तार से दिखाती है। कहा जा सकता है कि 'अवरोध' में सिर्फ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे की कहानी है। 

यह वेब सीरीज़ आतंकी संघटन के नेटवर्क को लेकर आपकी जानकारी को बढ़ाती है। कैसे इन नेटवर्क की मदद से जैश-ए-मोहम्मद सरीखे आतंकी संघटन किसी हमले को अंजाम देते हैं। कैसे मासूम बच्चों के दिलों में जहर भरते हैं, कैसे उन्हें सेना के खिलाफ भड़काया जाता है, आजादी के नारे लगाने के लिए किस तरह से प्रोत्साहित किया जाता है। 'अवरोध' में कई बारीक बातों को अच्छी करह से दिखाया गया है। 

समीक्षा

सच्ची या ज्ञात घटना पर बनी फिल्म या वेब सीरीज़ के साथ दिक्कत यह होती है कि आप जब इसे देखने बैठते हैं, तो कहानी आपको पता होती है। किसी निर्देशक के लिए यही सबसे बड़ी चुनौती होती है कि सत्य घटना पर बनी फिल्म या वेब सीरीज़ से कैसे दर्शकों को बांधा जा सके। हालांकि, राज आचार्य इस मामले में सफल रहे हैं। सबकुछ पता होने के बाद भी इस वेब सीरीज़ को देखने के मोह को नहीं छोड़ पाएंगे। 

वहीं राज आचार्य के निर्देशन में बनी इस वेब सीरीज़ की खासियत यह है कि सभी घटना को काफी बारीकी से दिखाया गया है कि उसे समझने की होड़ सभी को पूरे समय रहेगी। हालांकि, 'हाउज़ द जोश' जैसे वन लाइन्स नहीं है, और ना ही भावुक कर देने वाले पल। इस वेब सीरीज को असलियत के काफी करीब रखा है और ड्रामा के बजाय सहजता को वरीयता दी है। 

हालांकि, कुछ लोगों को इस वेब सीरीज़ में प्रोपगैंडा की महक आ सकती है, लेकिन तब भी यह सत्ता के नए तेवर और उसके कामकाज के बदलते तरीकों और विचारों के नए-पुराने 'अवरोधों' को सामने लाती है। 

एक्टिंग की बात करें, तो मेजर विदीप सिंह बने अमित साध ने अपने अभिनय से समां बांध दिया। अमित ने अपने किरदार को जीवंत कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका में नज़र आए विक्रम गोखले ने बताया कि कैसे एफर्टलेस एक्टिंग की जाती है। वहीं आर्मा ऑफिसर बने अभिनेता दर्शन कुमार का प्रदर्शन भी शानदार रहा। इसके अलावा नीरज काबी, प्रवीना देशपांडे, मधुरिमा तुली, अनिल जॉर्ज का काम भी अच्छा रहा। 

ख़ास बात

सेना के शौर्य की कहानियां आपको आकर्षित करती हैं, तो इसे ज़रूर देंखें। साथ ही यदि आपको 'उरी' के पीछे की कहानी जानने की दिलचस्पी है, तो फिर यह आपके लिए 'मस्ट वॉच' वाली लिस्ट में आती है।


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