आर जे संजू बाबा कहिए हुज़ूर



बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त अब रेडियो जॉकी बन गए है। वर्ष 1993 बम ब्लास्ट के दौरान ग़ैर कानूनी तरीक़े से हथियार रखने के आरोप में वे यरवड़ा जेल में सज़ा काट रहे हैं। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें जेल के रेडियो स्टेशन के लिए रेडियो जॉकी चुना है।

संजय दत्त अब रेडियो जॉकी बन गए है। वर्ष 1993 बम ब्लास्ट के मामले में वे यरवड़ा जेल में सज़ा काट रहे हैं। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें जेल के रेडियो स्टेशन के लिए रेडियो जॉकी चुना है।
इसे पढ़ने के बाद आपको 'लगे रहो मुन्ना भाई' याद आ गई होगी, जिसमें उन्होंने रेडियो जॉकी की भूमिका निभाई थी। फ़िल्मी परदे के साथ वे सच में एक रेडियो जॉकी बन गए हैं।

हर रोज़ जेल के भीतर उनका एक घंटे का शो चलता है। इस शो को संजय सिर्फ़ होस्ट ही नहीं करते, बल्कि स्क्रिप्ट भी ख़ुद ही लिखते हैं और इसमें अपने जेल के साथियों की मदद भी लेते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि वे मुन्ना भाई के ही स्टाइल में ही कैदियों सो रू-ब-रू होते हैं। इस शो में भक्तिगीत, इंटरव्यू और कैदियों से जुड़ी जानकारियां मुहैया करवाते हैं। जेल सिस्टम को सुधारने के नियत से इन हाउस रेडियो सिस्टम की शुरुआत की गई है।

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