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नहीं रहीं साधना

'झुमका गिरा रे', 'आ जा आई बहार' सरीखे गानों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली साधना ने इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया। डिफरेंट हेयर स्टाइल और खूबसूरती का जादू चलाने वाली 74 साल की अदाकारा ने फ़िल्मी दुनिया से नाता तोड़ने के बाद किसी भी बॉलीवुड कार्यक्रम में शिरकत नहीं की ...

60 के दशक की अभिनेत्री साधना फानी दुनिया को अलविदा कह गईं। मुंबई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
मुंबई। जानीमानी अदाकारा साधना का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। साधना लंबे समय से बीमार थीं और शुक्रवार को करीब साढ़े ग्याह बजे उनका निधन हुआ। बुखार होने पर मुंबई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, यहीं इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली।

साधना का पूरा नाम साधना शिवदसानी था.उनके हेयर स्टाइल ने 60 के दशक में वह जलवा बिखेरा कि साधना कट पूरे भारत की गली-गली में मशहूर हो गया। साधना ने करीब 35 से ज्यादा बॉलीवुड के फ़िल्मों में काम किया है। अपनी अदाकारी और खूबसूरती से बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया है।

साधना का जन्म 2 सितंबर, 1941 को करांची में हुआ था, तब भारत का बंटवारा नहीं हुआ था। अब करांची पाकिस्तान का बड़े शहरों में से एक है। साधना ने जाने-माने फिल्म निर्देशक आरके नैयर से शादी की थी। साधना दंपत्ति कोई औलाद नहीं थी।

फ़िल्मी दुनिया को अलविदा कहने के बाद वे किसी भी फ़िल्मी दुनिया में शरीक नहीं हुईं। करिश्मा और करीना कपूर की मां और बीते जमाने की अदाकारा बबिता की चचेरी बहन थीं।

साधना का महज पंद्रह साल की उम्र में ही फ़िल्मों में काम करने के प्रस्ताव मिलने लगे थे। कॉलेज में एक प्ले के दौरान उनका पहली सिंधी फ़िल्म में काम करने का मौका मिला। वर्ष 1958 में 'अबाना' नाम की सिंधी फ़िल्म में उन्होंने काम किया। इसमें उन्होंने शीला रमानी की छोटी बहन का किरदार निभाया था। इसके लिए उन्हें एक रुपए की टोकन मनी भी मिली थी।

साधना ने अपनी पहली ही फ़िल्म से बॉलीवुड में पैर जमा लिए। उनकी फ़िल्म 'लव इन शिमला' में उनके माथे को छुपाने के लिए सामने के बालों को काट कर छोटा किया, बाद में यह हेयर स्टाइल ही 'साधना कट' के नाम से मशहूर हो गया। इसी फ़िल्म के दौरान रामकृष्ण नैयर की मोहब्बत परवान चढ़ी और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला किया। 7 मार्च 1966 को दोनों एक दूजे के हो गए।

शादी के कुछ सालों बाद ही साधना को थाइरॉइड की शिकायत हुई, इसके बाद उनका इलाज बॉस्टन के एक अस्पताल में चला। वहां से स्वास्थ सुधार होने के बाद, जब वापस आईं तो उन्होंने 'इंतकाम', 'एक फूल दो माली' और 'गीता मेरा नाम' जैसी फ़िल्में की।

इसके बाद उन्होंने अभिनय से रिटायरमेंट ले ली। क्योंकि वो साइड रोल या चरित्र अभिनेत्री के रूप में खुद को नहीं देखना चाहती थीं। इसके बाद आर के नैयर और साधना ने मिलकर एक प्रोडक्शन कंपनी शुरू की। इस कंपनी के बैनर तले कुछ फ़िल्मों का निर्माण भी किया। वर्ष 1989 में डिंपल कपाडिया अभिनीत फ़िल्म का निर्देशन भी किया।

फ़िल्मों में अपनी खूबसूरती का जादू चलाकर अपना दीवाना बनाने वाली साधना का निजी जीवन बेहद नीरस था। परदे पर जीवंत नजर आने वाली साधना जीवन में इस पड़ाव पर बेहद अकेली थीं। 50 से 70 के दशक की कई मशहूर फ़िल्मों में काम किया। उनकी जोड़ी शम्मी कपूर और सुनील दत्त के साथ ज्यादा मशहूर हुई।

शोक की लहर

साधना के निधन का समाचार मिलने के बाद गुज़रे जमाने की अदाकारा वहीदा रहमान, हेलेन और फैशन डिज़ाइनर और समाजिक कार्यकर्ता सायना एनसी सांताक्रूज़ उनके घर पहुंचीं।

वहीं ट्विटर पर भी ट्वीट किए जा रहे हैं। जाने माने फ़िल्म समीक्षक राजीव मसंद ने भी ट्वीट किया है।
फ़िल्म समीक्षक राजीव मसंद ने भी ट्वीट किया
आपको बता दें के एक साल से उन्हें ट्यूमर की शिकायत थी। हाल ही उन्होंने एक छोटा सा ऑपरेशन भी करवाया था। कहा जा रहा था कि उन्हें मुंह का कैंसर हो गया है। ऑपरेशन कामयाब रहा।

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