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डायरेक्टर जो बन गए एक्टर

कैमरे के पीछे की कमान संभालते संभालते कुछ डायरेक्टर, एक्टर बन कर सिने परदे पर भी जलवा दिखा रहे हैं। हाल के सालों में ऐसे डायरेक्टर्स की तादाद में ख़ासा इजाफा देखने को भी मिला। डायरेक्टर, जो एक्टर बने की लिस्ट में कुछ नाम और जुड़ गए। फिल्म 'जय गंगाजल' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर रहे हैं निर्देशक प्रकाश झा। वहीं निर्देयाक निशिकांत कामत भी अपनी अगली फिल्म 'रॉकी हैंडसम' से एक्टिंग करियर की शुरुआत करने जा रहे हैं। निशिकांत और प्रकाश झा के अलावा और भी डायरेक्टर्स हैं, जिन्होंने एक्टिंग में हाथ आजमाया है। आइए डालते हैं उन पर एक नज़र ... 

अनुराग कश्यप, प्रकाश झा, तिग्मांशु धुलिया, फरहान अख्तर और करण जौहर के बाद निशकांत कामत भी अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं।
मुंबई। डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठने के बाद, चलो थोड़ा कैमरे का सामना भी लिया जाए। कुछ ऐसा ही सोच कर कुछ डायरेक्टर, एक्टिंग के फ्रंट पर कूंद पड़े। ये बस अभिनय के इलाके में आते भर नहीं है, बल्कि पूरे दम खम से जंग जीतने की कोशिश भी करते हैं। इनमें प्रकाश झा, तिग्मांशु धुलिया, करण जौहर के बाद निशिकांत कामत भी शामिल हो गए हैं।

निशिकांत कामत

अब सबसे पहले बात करते हैं निशिकांत कामत की। इन्होंने 'फोर्स' और 'दृश्यम' सरीख़ी कई फिल्मों का निर्माण किया उसके बाद बाद एक्टिंग के मैदान में कूंद पड़े। वह भी अपनी ही फिल्म 'रॉकी हैंडसम' में खलनायक की भूमिका में। मज़ेदार बात तो यह है कि निशिकांत को अपने लुक पर काफी काम भी करना पड़ा।

निशिकांत फिल्म 'रॉकी हैंडसम' में गोवा के एक गैंग के लीडर के किरदार में दिखेंगे। अपने किरदार के बारे में एक साक्षात्कार में निशिकांत ने कहा कि मुझे अभिनय करना पसंद है और मैं कैमरे के सामने कॉन्फिडेंट रहता हूं, लेकिन अपनी ही फिल्म में एक्टिंग करना जोखिम भरा काम है। एक ही समय में डायरेक्शन के साथ एक्टिंग करना आसान काम नहीं है। मैं दोबारा से यह नहीं करूंगा।

फिल्म में उनका फाइनल लुक तैयार होते होते 48 घंटे लगे। निशिकांत बताते हैं, इस फिल्म में मैं फैंसी सूट पहने हुए दिखूंगा, जो मैं आमतौर पर नहीं पहनता हूं। यह अभिनय काफी दिलचस्प रहा। निशिकांत बताते हैं कि मैंने गोवा में अपनी ज़िन्दगी के तीन साल बिताए हैं, इसलिए यह इतना मुश्किल भी नहीं रहा।

आपको बता दें कि जॉन अब्राहम अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी है, जो सात साल की बच्ची को बचाने के लिए माफिया गैंग से लड़ता है। यह 25 मार्च को रिलीज होगी।

प्रकाश झा

'आरक्षण', 'सत्याग्रह', 'गंगाजल' सरीखी सफल फिल्में बनाने वाले प्रकाश झा अपनी अगली फिल्म 'जय गंगाजल' से अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। प्रियंका चोपड़ा की मुख्य भूमिका वाली फिल्म में प्रकाश एक पुलिस ऑफिसर के किरदार में नज़र आएंगे। यह प्रकाश झा की बॉलीवुड में बतौर एक्टर डेब्यू फिल्म होगी। यह फिल्म 4 मार्च को रिलीज़ होगी।

करण जौहर

'कुछ कुछ होता है' से डायरेक्टर बने करण जौहर ने अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी 'बॉम्बे बेलवेट' से अभिनय करियर की शुरुआत की। हालांकि, यह अनुराग की यह फिल्म टिकट खिड़की पर बेदम रही और आलोचकों के साथ दर्शकों ने भी इसे नकार दिया। इस फिल्म में रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिकाओं में थे।


तिग्मांशु धुलिया

साल 1990 में आई फिल्म 'बैंडिट क्वीन' से बतौर कास्टिंग डायरेक्टर करियर की शुरुआत करने वाले तिग्मांशु धुलिया ने मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' की पटकथा भी लिखी। डायरेक्टर के साथ एक्टर के रूप में भी अपनी जबरदस्त पहचान स्थापित की है। 

साल 2003 में आई फिल्म 'हासिल' से तिग्मांशु ने डायरेक्टर की कैप पहनी। उन्हें 'पान सिंह तोमर' के लिए बेस्ट डायरेक्शन का नेशनल अवॉर्ड भी मिला। बतौर अभिनेता साल 2012 में आई अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से शुरुआत की। उसके बाद 'मांझी', 'शाहिद' और 'हीरो' में अपने अभिनय का जौहर दिखा चुके हैं।


सुधीर मिश्रा

साल 1987 में 'ये वो मंजिल नहीं' बनाने वाले और 'मैं जिंदा हूं' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले सुधीर मिश्रा ने भी अभिनय की दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। मधुर भंडारकर के निर्देशन में बनी फिल्म 'ट्रैफिक सिग्नल' में इन्होंने हाजी मस्तान की भूमिका निभाई। इस भूमिका को सुधीर ने जिंदा कर दिया।

कुणाल कोहली

'हम तुम' और 'फना' सरीखी सफल फिल्में बनाने वाले कुणाल कोहली भी अभिनय के मैदान में आ ही गए। हालांकि, डायरेक्टर्स के मुकाबले कुणाल की शुरुआत कुछ खास अच्छी रही नहीं अन्य। साल 2015 में 'फिर से' नाम की फिल्म बनाई और उसमें अभिनय भी किया, लेकिन यह कब आई और कब गई कुछ पता ही नहीं चला। 

साथ ही फिल्म की कहानी को लेकर भी बवाल हुआ। ज्योति कपूर नाम की पटकथा लेखक ने कुणाल पर कहानी चोरी का अरोप लगाया, बाद में कुणाल को एक मुश्त पैसा भी चुकाना पड़ा और ज्योति कपूर का नाम भी डालना पड़ा।


फराह खान

बॉलीवुड की जानीमानी कॉरियोग्राफर फराह ने 'मैं हूं न' और 'ओम शांति ओम' जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया। उसके बाद फराह को भी एक्टिंग का चस्खा लगा और वो भी रुपहले परदे पर उतर पड़ीं। 

फराह ने 'शीरीन फरहाद की निकल पड़ी' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इसमें फराह के साथ बोमन ईरानी मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म ने अच्छा करोबार नहीं किया।


फरहान अख्तर

हरफनमौला कहे जाने वाले डायरेक्टर, एक्टर, प्रोड्यूसर, राइटर और सिंगर फरहान अख्तर ने साल 2001 में फिल्म 'दिल चाहता है' से बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में कदम रखा। पहली ही फिल्म के लिए अवॉर्ड बंटोरने वाले फरहान अख्तर ने बतौर डायरेक्टर एक के बाद एक हिट फिल्में दी। 

उसके बाद साल 2008 में उन्होंने अपनी फिल्म 'रॉक ऑन' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। फरहान ने एक के बाद एक बतौर एक्टर कई हिट फिल्में दीं, लेकिन फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' ने उन्हें हिन्दी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलवाई।


महेश मांजरेकर

साल 1999 में फिल्म 'वास्तव' से बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत करने वाले महेश मांजरेकर ने कई फिल्में डायरेक्ट कीं। बतौर डायरेक्टर, राइटर और प्रोड्यूसर महेश मांजरेकर ने कई बेहतरीन फिल्में बनाईं। 

लेकिन एक्टर के तौर पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान कायम की। डायरेक्शन से ज्यादा महेश कई सुपरहिट फिल्मों में एक्टिंग करते नजर आए। महेश ने 'बॉडीगार्ड', 'सिंघम रिटर्न्स', 'जय हो', 'दबंग' और कई फिल्मों में अहम किरदार निभाए।


विजय आनंद

फिल्म 'गाइड', 'जॉनी मेरा नाम', 'राम बलराम' जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट करने वाले डायरेक्टर, राइटर, प्रोड्यूसर और एक्टर विजय आनंद ने भी डायरेक्शन के साथ साथ एक्टिंग की। 

विजय आनंद ने फिल्म 'कोरा कागज', 'हकीकत' और 'मैं तुलसी तेरे आंगन' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में एक्टिंग की। विजय 23 फरवरी 2004 को इस फानी दुनिया को अलविदा कह गए।

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