फिल्म पाकीज़ा का गीत इन्हीं लोगों ने दो और फिल्मों में भी था



एक ऐसा गीत जिसे मशहूर गायिका शमशाद बेग़म ने गाया, उसके बाद चरित्र अभिनेता याकूब ने भी अपनी आवाज़ से इस गीत को सजाया और बाद में उसी गीत को लता मंगेशकर ने भी गाया। एक गाने के तीन वर्ज़न, लेकिन एक ही वर्ज़न लोगों के दिलो-ओ-दिमाग़ में बसा है। हम बात कर रहे ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मोरा’ गाने की। आइए इस गाने के दूसरे वर्ज़न के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Meena Kumari's Pakeezah song inhi logon ne le liya dupatta mera other 2 versions
मुंबई। फिल्म ‘पाकीज़ा’ का गीत ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मोरा’ जब कभी-भी कहीं-भी सुनाई देता है, तो मीना कुमारी हमारी आंखों के सामने उभर आती हैं।


लता मंगेशकर के गाए इस गीत में कैसे एक तवायफ़ अपने ‘दुपट्टे’ के छीने जाने का उलाहना दे रही है। तवायफ़ बनी मीना कुमारी के आस-पास लोग जमा है और महफिल मज़े में चल रही है।

लेकिन कम लोगों को ही इस बात की जानकारी होगी कि फिल्म ‘पाकीज़ा’ का ये गाना पहले भी दो फिल्मों में इस्तेमाल हो चुका है। हालांकि, वो गीत लोगों की ज़बान पर चढ़ नहीं पाए। चलिए हम आपको बताते हैं, ये किन फिल्मों में इस्तेमाल हुआ है और इसे किन्होंने गाया है।

शमशाद बेग़म वर्ज़न

सबसे पहले ये गीत फिल्म ‘हिम्मत’ में इस्तेमाल किया गया था। उस वक़्त इसे मशहूर गायिका शमशाद बेग़म ने गाया था और अदाकारा मनोरमा पर इसे फिल्माया गया था। वहीं गीतकार थे

अज़ीज कश्मीरी और संगीत पंडित गोबिंदराम ने दिया था। साल 1941 में आई इस फिल्म का निर्देशन रूप के शौरी ने किया था। इस गाने में एक महफिल है, जहां पर अभिनेत्री मनोरमा परफॉर्म कर रही हैं।

अभिनेता याकूब का वर्ज़न

फिर साल 1943 में सितारा देवी अभिनीत फिल्म ‘आबरू’ आई। इस फिल्म में भी ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा’ गाना इस्तेमाल किया गया। इस बार इसे याकूब ने गाया। याकूब मशहूर चरित्र अभिनेता थे।

उन्होंने कई फिल्मों में कॉमेडियन और विलेन की भूमिका निभाई थी। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में भी संगीत पंडित गोबिंदराम ने ही दिया था।

इस गाने में अभिनेता याकूब सिर पर दुपट्टा डाले हुए हैं और उनके साथ सितारा देवी हैं और कुछ साज़ींदे अपने साज़ के साथ हैं।

मशहूर लता मंगेशकर वर्ज़न

इसके बाद बारी आती है, उस गाने की जो हमारे ज़ेहन में है। लता मंगेशकर की आवाज़ में गाया गया फिल्म ‘पाकीज़ा’ का गीत, जिस पर मीना कुमारी ने परफॉर्म किया है। इस गीत को मज़रूह सुल्तान पुरी ने लिखा था और ग़ुलाम मोहम्मद ने संगीत से सजाया था।

कमाल अमरोही के निर्देशन में बनी ये फिल्म साल 1972 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को बनने में पूरे सोलह साल लग गए थे और फिल्म के रिलीज़ के तकरीबन दो महीने बाद ही मीना कुमार फानी दुनिया को अलविदा कह गईं।

मूल रचयिता थे अमीर खुसरो

सोचने वाली बात है कि गीत तो एक ही है, लेकिन इसके तीन गीतकार कैसे हो गए। दरअसल, गीत ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना’ को मूल रूप से अमीर खुसरो ने लिखा था। लेकिन फिल्म के मुताबिक मामूली बदलाव किए गए, जिसका गीतकारों को क्रेडिट दिया गया।


मशहूर लता मंगेशकर वर्ज़न


याकूब का वर्ज़न


शमशाद बेग़म वर्ज़न


संबंधित ख़बरें
मीना कुमारी: 'ट्रेजडी क्वीन' की ट्रेजिक ज़िंदगी