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श्रीदेवी के साथ बिताये बोनी कपूर के आखिरी लम्हों की कहानी

अदाकारा श्रीदेवी को गुज़रे तक़रीबन एक सप्ताह हो चुका है। इस बीच उनके निधन को लेकर मीडिया ने असंवेदनशील कवरेज का एक नया ही आयाम रच डाला था। 53 वर्षीया अभिनेत्री के अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्य अपनी-अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं। अनिल कपूर, सोनम कपूर के बाद जान्हवी ने अपनी मां श्रीदेवी के नाम खत लिखा। अब पति बोनी कपूर ने अपनी पत्नी श्रीदेवी के साथ बिताये आखिरी कुछ लम्हों की कहानी कोमल नाहटा को बयां की है। 

श्रीदेवी के साथ बिताये बोनी कपूर के आखिरी लम्हों की कहानी
मुंबई। बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी के आकस्मिक निधन से परिवार के साथ पूरा फिल्म इंडस्ट्री ही सदमे में आ गया। बॉलीवुड के साथ साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली अभिनेत्री के जाने से फैंस काफी दुखी हैं। 

24 फरवरी की रात 54 वर्षीय अभिनेत्री के जीवन की आखिरी रात बन कर रह गई। दुबई से उनके अचानक निधन की ख़बरें आई। दुबई पुलिस ने इसे एक्सीडेंटल ड्राउनिंग का मामला बताया। लेकिन अभी-भी लोगों के ज़ेहन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उस रात श्रीदेवी के साथ क्या हुआ था। ख़ैर, अब अपने आप को संभालने की कोशिश में जुटे बोनी कपूर ने उन आखिरी लम्हों के बारे में अपने दोस्त कोमल नाहटा को बताया। 

ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा बोनी कपूर के ख़ास दोस्त कहे जाते हैं। बोनी के श्रीदेवी के साथ बिताये उन आखिरी लम्हों की कहानी कोमल ने अपने ब्लॉग पर लिखी है। 

ब्लॉग में कोमल लिखते हैं, ‘बोनी कपूर अपने भांजे मोहित मारवाह की शादी के बाद एक ख़ास काम की वजह से भारत वापस आ गए। दरअसल, 22 फरवरी को लखनऊ में एक मीटिंग थी, लेकिन श्रीदेवी दुबई में ही रूक गईं। श्रीदेवी को बेटी जान्हवी के लिए दुबई से कुछ खरीदारी करनी थी, लिहाजा उन्होंने बोनी और बेटी खुशी को वापस भारत भेज दिया। शॉपिंग लिस्ट उन्होंने फोन में रखा था, लेकिन रस अल-खई माह में वो अपना फोन भूल गईं, जिसके बाद उन्होंने अपना पूरा दिन होटल के कमरे में ही बिताया। 22 फरवरी को भी वो होटल के कमरे सा बाहर नहीं निकलीं। पूरा दिन दोस्तों से बात करते और आराम करते हुए बिताया। 23 तारीख़ को भी श्रीदेवी ने ऐसा किया। वो चाहती थीं कि बोनी उनकी वापसी की टिकट का दिन बदलवा दें।’

श्रीदेवी को ‘पापा’ याद आ रहे थे

कोमल आगे लिखते हैं, ‘बोनी ने बताया कि 24 फरवरी की सुबह मेरी उससे (श्रीदेवी) से बात हुई। उसने मुझे कहा, ‘पापा (श्रीदेवी, बोनी को पापा कहा करती थीं) मुझे आपकी बहुत याद आ रही है।’ मैंने भी उसे यही कहा कि मैं भी तुम्हें बहुत याद कर रहा हूं, लेकिन मैंने उसे यह नहीं बताया कि मैं उसे जॉइन करने शाम को दुबई पहुंच रहा हूं। मुझे दुबई भेजने का आइडिया जान्हवी का था, क्योंकि उसे पता है कि उसकी मां अकेले रहने की आदी नहीं है और उसे डर था कि कहीं वो अपने पासपोर्ट और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स खो न दे।’

बोनी-श्रीदेवी साथ-साथ करते थे ट्रिप

बोनी, कोमल से कहते हैं कि 24 सालों में शायद दो बार ही ऐसा हुआ है, जब किसी अब्रॉड ट्रिप में मैं श्रीदेवी के साथ नहीं था। जब दो फिल्में में स्पेशल अपीयरेंस के लिए श्रीदेवी न्यूजर्सी और वैंकूवर गई थी, तब मैं उनके साथ नहीं जा पाया था। 

बकौल बोनी, ‘भले ही मैं उनके साथ नहीं जा पाया, लेकिन मेरे दोस्त की पत्नियां उनके साथ थीं, जिससे मैं निश्चिंत हो गया था। दुबई स्टे, पहला मौक़ा था, जब वो विदेश में अकेली रही हों।’ 

24 फरवरी का दिन और बोनी का सरप्राइज

अब उस मनहूस दिन के बारे में बोनी ने कोमल से कहा, ’24 फरवरी को दोपहर 3.30 बजे की फ्लाइट से मैं दुबई के लिए रवाना होने वाला था, जो शाम 6.20 तक लैंड होती है। लेकिन फ्लाइट में जाने से पहले मैंने श्रीदेवी को कहा कि मैं एक ज़रूरी मीटिंग के लिए जा रहा हूं, तो तीन घंटे तक मेरा फोन स्विच ऑफ रहेगा। तुम घबराना मत। श्रीदेवी ने मेरी बात मान ली। फिर मैं दुबई पहुंचा। होटल जाकर रूम की डुप्लीकेट चाभियां लीं और होटल स्टॉफ से आग्रह किया कि मेरा सामान थोड़ी देर बाद लेकर आएं, क्योंकि अपनी पत्नी को सरप्राइज देना चाहता हूं।’

बोनी आगे कहते हैं कि मैं रूम में पहुंचा, जहां श्रीदेवी आराम कर रही थीं। उनको उठाया, हमे गले मिले, किस किया। मुझे लगा कि मैंने उनको सरप्राइज किया, लेकिन श्रीदेवी ने कहा कि मुझे इस बात का अंदाज़ा था कि आप मुझे सरप्राइज़ देने आओगे। 

ख़ैर, दोनों ने तकरीबन आधे घंटे तक गपशप किया। फिर बोनी ने कहा कि हम रोमैंटिक डिनर पर चलने वाले हैं, तो तैयार हो जाओ। लेकिन पहले मैं फ्रेश हो जाता हूं, फिर तुम फटाफट तैयार हो जाना। 

बोनी के बाथरूम से बाहर आने के बाद श्रीदेवी तैयार होने के लिए होटल के मास्टर बाथरूम में गईं। वहीं बोनी लिविंग रूम में टीवी पर क्रिकेट मैच देखने लगे। कुछ मिनट बाद उन्होंने चैनल बदला और पाकिस्तान सुपर लीग क्रिकेट मैच देखना शुरू कर दिया। 15-20 मिनट बाद रात करीब 8 बजे उनको लगा कुछ ज्यादा ही देर कर रही हैं श्री। क्योंकि शनिवार की वजह से रेस्तरां जल्दी भर जाएगा। 

कोमल लिखते हैं कि बोनी बताते हैं, ‘मैं लिविंग रूम से ही श्रीदेवी को दो आवाजे दीं, लेकिन जवाब नहीं आया। फिर टीवी की आवाज धीमी किया। फिर बेडरूम में गया और बाथरूम का दवाजा खटखटाया। साथ में ‘जान-जान’ करके आवाज़ें दे रहा था। फिर भी कोई जवाब नहीं मिल रहा था। फाइनली दरवाज़ा खोला, जो भीतर से बंद नहीं था। अंदर जाते ही देखा कि बाथटब पानी से भरा है और श्रीदेवी उसमें सिर से पैर तक डूबी हुई थीं। फिर मैंने उसे हिलाया-डुलाया, लेकिन उसमें कोई हलचल न देख कर मैं बुरी तरह डर गया।’ बोनी की ‘जान’ श्रीदेवी हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह चुकी थीं। 

24 साल पहले भी दिया था सरप्राइज

बोनी कपूर का दुबई सरप्राइज ठीक वैसा ही था, जैसा उन्होंने 24 साल पहले फिल्म ‘मिस्टर बेचारा’ की शूटिंग के दौरान दिया था। दरअसल, तब श्रीदेवी बैंगलोर में अनिल कपूर के साथ फिल्म ‘मिस्टर बेचारा’ की शूटिंग कर रही थीं। तब बोनी और श्रीदेवी का इश्क़ नया-नया था। उस दिन बोनी ने श्रीदेवी को फोन पर बात करते हुए पूरी रात जगाया था। तब श्रीदेवी ने बोनी से कहा कि सुबह जल्दी शूटिंग है, इसलिए अब मुझे सो जाने दो। श्रीदेवी के इस आग्रह को बोनी मान गए, लेकिन उस रात श्रीदेवी महज दो-तीन घंटे ही सो पाई थीं। 

सुबह उठ कर वो शूटिंग की तैयारी कर रही थीं। मेकअप हो चुका था, और अब बाल बनाया जा रहा था। तभी बोनी ने श्रीदेवी के होटल के रूम की बेल बजाई। दरवाजा खुला, तो बोनी सामने थे। फिल्म की यूनिस बोनी के इस सरप्राइज से अनजान थी, लोगों को लगा कि बोनी अपने भाई अनिल की वजह से यहां आए हैं। क्योंकि उस वक्त अनिल के बिजनेस को बोनी देखा करते थे। 

कोमल नाहटा के ब्लॉग को यहां पढ़ सकते हैं।


एक खूबसूरत सरप्राइज़ ताउम्र का दर्द बन कर रह गया। बोनी की ‘जान’ उनसे जुदा हो गई। पीछे छोड़ गई जाने कितनी यादें। ‘पापा’ औऱ ‘जान’ के दुबई में बिताये गए आखिरी लम्हों में मिलन-जुदाई सब समाया हुआ है। 
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