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नर्गिस दत्त की आखिरी इच्छी रही अधूरी

नर्गिस दत्त की आज पुण्यतिथि है। राज्यसभा पहुंचने, पद्मश्री पाने और नेशनल फिल्म अवार्ड अपने नाम करने वाली पहली अभिनेत्री थीं नर्गिस। ज़िंदगी में वो बहुत कुछ उनको हासिल हुआ, जिनकी उन्होंने तमन्ना की। दिल-ओ-जान से प्यार करने वाला पति, प्यारे-प्यारे बच्चे। सब नर्गिस को नसीब हुआ, फिर बीमारी की चपेट में आईं और फानी दुनिया को अलविदा कह गईं। जाते-जाते एक अधूरी इच्छा अपने साथ ले गईं। 

नर्गिस दत्त की अधूरी इच्छा

मुंबई। बीत ज़माने की मशहूर अदाकारा नर्गिस दत्त की आज पुण्यतिथि है। 3 मई 1981 को उनका निधन हुआ था। नर्गिस कैंसर से पीड़ित थीं। वो चाहती थीं कि मरने से पहले अपने बेटे संजय दत्त को सिल्वर स्क्रीन पर देख सकूं, लेकिन बेटे संजय की फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। 

बता दें संजय दत्त की डेब्यू फिल्म 8 मई 1981 को रिलीज़ हुई थी। अपने बेटे को सिल्वर स्क्रीन पर देख न सकीं। यहीं उनकी अंतिम इच्छी थी, जो पूरी न हो पाई। 

फिल्म इंडस्ट्री में नर्गिस दत्त के नाम से पहचानी जाने वाली इस अदाकारा का असली नाम फातिमा रशीद था। महज छह साल की उम्र से ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया था। तब उनको बेबी नर्गिस का नाम मिला था। नर्गिस की मां जद्दन बाई और पिता अब्दुल रशीद एक डॉक्टर थे। नर्गिस के भाई अनवर हुसैन चरित्र अभिनेता रहे हैं। 

नर्गिस ने 14 साल की उम्र से ही बतौर लीड एक्ट्रेस काम करना शुरू कर दिया। दिलीप कुमार और राज कपूर सरीखे दिग्गज अभिनेताओं के साथ उनकी जोड़ी बनी और काफी पसंद भी की गई। राज कपूर के साथ नर्गिस की केमिस्ट्री इतनी जमी की दोनों में इश्क़ भी हुआ।

नर्गिस-राज कपूर

नर्गिस के साथ राज कपूर का नान फिल्म इंडस्ट्री की अधूरी प्रेम कहानियों में शुमार होता है। इनकी पहली मुलाक़ात का क़िस्सा भी कम दिलचस्प नहीं है। दरअसल, राज कपूर, नर्गिस की मां जद्दन बाई से मिलने उनके घर गए। घर पहुंचे, तो दरवाज़ा नर्गिस ने खोला। उस समय नर्गिस पकौड़े बना रही थीं और उनके माथे पर बेसन लगा हुआ था। यह नर्गिस और राज कपूर की पहली मुलाक़ात थी। कहा जाता है कि पहली मुलाक़ात में ही राज कपूर अपना दिल हार बैठे थे। खैर, नर्गिस-राज कपूर की यह पहली मुलाक़ात का दृश्य फिल्म ‘बॉबी’ में हू-ब-हू इस्तेमाल किया गया है। 

राज कपूर इस कदर नर्गिस से मोब्बत करते थे कि फिल्म ‘बरसात’ के एक सीन को उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस के लोगो के रूप में तब्दील कर दिया। राज कपूर शादी-शुदा थे और उनके बच्चे भी थे। इश्क़ उनको नर्गिस से था, लेकिन वो अपने बसे-बसाए परिवार को बिखेर नहीं सकते थे और ना ही अपने पिता से बगावत कर सकते थे। दिल के आगे भी मजबूर थे। हालांकि, बाद में उन्होंने मोहब्बत और परिवार में से परिवार को चुना और नर्गिस से अलग हो गए। 

नर्गिस-सुनील दत्त

राज कपूर से अलग होने के बाद नर्गिस डिप्रैशन में जाने लगीं। कहा जाता है कि उन्होंने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। लेकिन तभी उनकी ज़िंदगी में सुनील दत्त इश्क़ ही ठंडी बयान बन कर आए और सबकुछ सुहावना कर दिया। 

सुनील दत्त की मुलाक़ात एक रेडियो प्रोग्राम में हुई थी, जहां सुनील दत्त रेडियो अनाउंसर थे। तब उनका नाम सुनील नहीं, बलराज हुआ करता था। हालांकि, उस मुलाक़ात में सुनील घबरा गए थे। क्योंकि नर्गिस तब की मशहूर अदाकारा थीं। 

फिर इन दोनों का आमना-सामना ‘दो बीघा ज़मीन’ के सेट पर हुई, जहां सुनील को देखने के बाद नर्गिस मुस्कुराकर चल दीं। एक इंटरव्यू में नर्गिस ने कहा था कि मुझे सुनील का घबराया हुआ चेहरा याद आ गया था। 

ख़ैर, बाद में इन दोनों ने महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ में स्क्रीन शेयर किया। हालांकि, दोनों मां-बेटे के किरदार में थे, लेकिन वहीं से एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। कहा जाता है कि फिल्म ‘मदर इंडिया’ के सेट पर आग लग गई थी और सुनील दत्त ने जान पर खेल कर नर्गिस को बचाया था। इस वजह से दोनों ने शादी कर ली थी। 

जबकि सुनील दत्त ने इन क़िस्सों को निराधार बताया था। सुनील एक इंटरव्यू में कहते हैं कि एक बार जब उनकी बहन बीमार पड़ गई, तो नर्गिस ने जिस तरह से देखभाल की, उससे देख कर लगा कि वो अच्छी पत्नी बन सकती हैं। फिर मैंने उनको शादी के लिए प्रपोज कर दिया।

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