दिलीप कुमार ने 'चाणक्य' बनने की कर ली थी तैयारी, फिर फिल्म हो गई बंद

अजय देवगन से पहले दिलीप कुमार सिल्वर स्क्रीन पर 'चाणक्य' के रूप में नज़र आने वाले थे, लेकिन सारी तैयारियों के बाद अचानक से फिल्म को बंद कर दिया गया। बीआर चोपड़ा के लिए 'चाणक्य' वो ड्रीम प्रोजेक्ट रहा, जिसे पूरी करने की कोशिशों में हर बार हार हाथ लगी। 

Dilip kumar as 'Chanakya' in BR chopra's Film
भारतीय इतिहास में 'चाणक्य' एक ऐसे किरदार रहे हैं, जिनके बारे में पढ़ना, जानना और सुनना सब चाहते हैं। दर्शन, राजनीति, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र के प्रकांड पंडित 'चाणक्य' मौर्यकाल में मगध महाराजा चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री और तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे।

ऐतिहासिक दस्तावेजों में 'चाणक्य' की कोई तस्वीर मौजूद नहीं है, लेकिन कुछ इतिहासकारों का मानना है कि वह लम्बे कद के, पैनी आंखों वाले, गंजे सिर पर लंबी चोटी रखते थे। 

'चाणक्य' फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक 'मायावी' किरदार हैं। 'मायावी' इसलिए क्योंकि इस किरदार को सिल्वर स्क्रीन पर उतारने की कोशिशें हुई, लेकिन हर दफा कुछ ऐसा हो जाता कि फिल्म बन नहीं पाती। 

सबसे पहली कोशिशों में बीआर चोपड़ा का नाम आता है। अस्सी के दशक में उन्होंने 'चंद्रगुप्त और चाणक्य' नाम से फिल्म बनाने की घोषणा की थी। फिल्म में जहां दिलीप कुमार 'चाणक्य' बनने वाले थे। वहीं 'चंद्रगुप्त मौर्य' की भूमिका धर्मेंद्र निभाने वाले थे। 

फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार हो गई और प्रोड्यूसर्स भी फिल्म बनाने को राज़ी हो गए और कास्टिंग भी पूरी कर ली गई। अब शुरू हुईं फिल्म बनने की तैयारियां। इस तैयारी में सबसे पहला और मुश्किल काम था दिलीप कुमार को 'चाणक्य' का लुक देना। 

दिलीप कुमार के उस लुक के लिए विदेश से एक खास विग मंगवाई गई, ताकि उनको गंजा दिखाया जा सके। इस विग को पहनने में उन्हें तकरीबन तीन घंटे लगते थे, जबकि उतारने में भी आधा घंटा लग ही जाता था।

ऐसे में ढाई लाख रुपये की कई विग मंगवानी पड़ी थी, क्योंकि एक विग को एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता था। ख़ैर, दिलीप कुमार को यह विग पहनाकर उन्हें 'चाणक्य' के लुक में लाया गया। इस फिल्म के लिए फोटोशूट भी किये गए। 

वहीं कास्टिंग भी पूरी हो चुकी थी। दिलीप कुमार और धर्मेंद्र के अलावा हेमा मालिनी, शम्मी कपूर, परवीन बॉबी और विजयेंद्र सरीखे कई कलकारों को इस फिल्म के लिए फाइनल कर लिया गया था। फिल्म फ्लोर पर जाती। इससे पहले कुछ ऐसा हुआ कि सब के सब हैरान रह गए। 

दरअसल, इस फिल्म के प्रोड्यूसर को अचानक इकॉनामिक क्राइसेस से गुजरना पड़ा, जिसके चलते उसने फिल्म से अपने हाथ खींच लिए और मजबूरन फिल्म को बंद करना पड़ा। इस तरह दिलीप कुमार की मुख्य भूमिका वाली 'चाणक्य' बनते-बनते रह गई थी। 

बीआर चोपड़ा के लिए 'चाणक्य' ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। वो इस किरदार को बड़े पर्दे पर न उतार पाये, तो छोटे पर्दे पर ले जाने का मन बनाया। अपने धारावाहिक 'महाभारत' की सफलता के बाद बीआर चोपड़ा दूरदर्शन के पास 'चाणक्य' का प्रस्ताव लेकर गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, क्योंकि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने 'चाणक्य' पर पहले से ही कॉन्ट्रेक्ट हासिल कर लिया था। 

बता दें साल 1991-92 के दौरान डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बने इस धारावाहिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। द्विवेदी ने ही 'चाणक्य' की भूमिका निभायी थी। 

वहीं एक बार अमिताभ बच्चन को भी लेकर 'चाणक्य' पर फिल्म बनाने की ख़बरें थीं। अमिताभ इसके लिए राज़ी भी हो गए थे, लेकिन कुछ कारणों से यह फिल्म भी शुरू न हो सकी। 

'चाणक्य' भले ही बड़े पर्दे पर न आ सका हो, लेकिन टीवी के दर्शकों ने इस किरदार को खूब देखा है। साल 1991 में चंद्रप्रकाश द्विवेदी के 'चाणक्य' ने लोकप्रियता के नये आयाम रते थे। इसके बाद के दशकों में कुछेक धारावाहिक बने, जिनमें 'चाणक्य' के किरदार को बखूबी दिखाया गया। 

नीरज पांडेय की 'चाणक्य'

अभी तक फिल्म इंडस्ट्री ने 'चाणक्य' पर फिल्म बनाने की कोशिशें बहुत की, लेकिन सफलता हासिल नहीं हो पायी है। अब नीरज पांडेय ने यह बीड़ा उठाया है और अपनी फिल्म में अजय देवगन को 'चाणक्य' बनाने जा रहे हैं। फिल्म की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सबकुछ ठीक रहा, तो फिल्म साल की आखिरी तिमाही में फ्लोर पर जा सकती है। 

अब 'चाणक्य' के लिए अजय देवगन अपने बालों की आहूति देते हैं, या फिर मेकअप का सहारा लेते हैं, वो तो आने वाला समय ही बताएगा।

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