अमिताभ बच्चन की 'डॉन' की स्क्रिप्ट को नहीं मिल रहा था खरीदार

अमिताभ बच्चन की बेस्ट फिल्म्स में से एक 'डॉन' को रिलीज़ हुए 42 साल हो गए हैं। अपनी इस फिल्म को याद करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी लिखा है। फिल्म के निर्माता नरीमन ईरानी का फिल्म रिलीज़ से पहले ही देहांत हो गया था, जबकि उनको ही कर्ज से मुक्त कराने के लिए इस फिल्म का निर्माण किया गया था। फिल्म को बिना फीस लिए ही अमिताभ बच्चन, ज़ीनत अमान और प्राण ने किया था, लेकिन फिल्म सफल होने बाद इन सबको इनका मेहनताना दिया गया। इसके अलावा और भी काफी कुछ है, पढ़िए इस फिल्म के बनने की कहानी। 

amitabh bchchan in film 'DON'
अमिताभ बच्चन की फिल्म 'डॉन' को रिलीज़ हुए 42 साल हो गए। 12 मई 1978 को रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन डबल रोल थे। अमिताभ के अलावा फिल्म में जीनत अमान, हेलेन, प्राण और इफ्तेखार सरीखे कलाकार थे। 

दिलचस्प बात है कि फिल्म 'डॉन' जब रिलीज़ हुई थी, उससे पहले शुक्रवार को बैक टू बैक अमिताभ बच्चन की फिल्में रिलीज़ हुईं। यानी 22 दिन के भीतर अमिताभ की चार फिल्में रिलीज़ हुई थीं। 

रमेश बहल के निर्देशन में बनी 'कसमे वादे', जिसमें अमिताभ ने दोहरी भूमिका निभाई थी। इनके अपोजिट राखी थीं और रणधीर कपूर भी अहम मुख्य भूमिका में थे। 21 अप्रैल 1978 में रिलीज़ हुई फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट घोषित की गई थी। 

इसके बाद देवने वर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म 'बेशर्म' आई, जो 28 अप्रैल 1978 में रिलीज़ हुई। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर, अमज़द खान और देवेन वर्मा अहम भूमिका में थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही। 

इस फिल्म के अगले सप्ताह यानी 5 मई को यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'त्रिशूल' रिलीज़ हुई। सलीम-जावेद की लिखी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, संजीव कुमार, राखी, हेमा मालिनी, पूनम ढिल्लन और सचिन अहम भूमिका में थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। 

इसके बाद आई फिल्म 'डॉन', जिसने तहलका ही मचा दिया। 12 मई 1978 को रिलीज़ हुई फिल्म में अमिताभ बच्चन एक बार फिर डबल रोल में पर्दे पर नज़र आए। फिल्म में ज़ीनत अमान, प्राण सरीखे कलकार थे और इसका निर्देशन चंद्रा बारोट ने किया था। 

बैक-टू-बैक 22 दिन में चार फिल्में रिलीज़ हुईं, जिनमें से तीन सुपरहिट और एक एवरेज रही। तभी तो महानायक का तमगा अमिताभ बच्चन को मिला है। 

ख़ैर, अब आगे बढ़ते हैं और इस फिल्म के बनने की कहानी पर चर्चा करते हैं। 

कर्ज चुकाने के लिए बनी 'डॉन'

नरीमन ईरानी सिनेमैटोग्राफर से प्रोड्यूसर बने थे। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म थी, 'ज़िंदगी ज़िंदगी', जिसमें सुनील दत्त की मुख्य भूमिका में थे। साल 1972 में आई यह फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई और नरीमन पर 12 लाख का कर्ज चढ़ गया। उस दौर में 12 लाख बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी। इस दौरान फिल्म 'रोटी, कपड़ा और मकान' में नरीमन बतौर सिनेमैटोग्राफर काम कर रहे थे। नरीमन को इस कर्ज से उबारने के लिए अमिताभ बच्चन, जीनत अमान, प्राण, चंद्रा बरोट ने एक दूसरी फिल्म बनाने की सलाह दी। साथ यह भी कहा कि उनकी नई फिल्म में यह सभी काम भी करेंगे। अब कहानी की तलाश करते हुए नरीमन सलीन-जावेद के पास पहुंचे। 

दोनों से बातचीत हुई। तब सलीम-जावेद ने अपनी एक ऐसी स्क्रिप्ट का जिक्र किया, जिसे कोई खरीदार नहीं मिल रहा था। फिल्म का टाइटल भी डिसाइड नहीं किया था। हालांकि, कहानी पूरी थी और इसे लेकर सलीम-जावेद ने देव आनंद, प्रकाश मेहरा और जीतेंद्र के घरों के खूब चक्कर काटे, लेकिन तीनों ने इस स्क्रिप्ट पर फिल्म बनाने से मना कर दिया। 

ऐसे में जब नरीमन ने सलीम खान को अप्रोच किया तो उन्होंने कहा, 'हमारे पास एक ब्रेकफास्ट स्क्रिप्ट पड़ी है, जो कोई नहीं ले रहा है।' इस पर ईरानी ने कहा, 'चलेगा'। इस तरह 'डॉन' फ्लोर तक पहुंची। 

फिल्म फ्लोर पर गई और शूटिंग शुरू हो गई, लेकिन तभी एक हादसा हुआ और नरीमन घायल हो गए। कुछ दिनों बाद उनका देहांत भी हो गया। इस दुखत घटना का जिक्र करते हुए अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा था, ''डॉन' को नरीमन ईरानी ने बनाया था। फिल्म के निर्माता नरीमन ए. ईरानी ने राजकमल स्टुडियो में शूटिंग के दौरान एक बच्चे की जान बचाई थी। नरीमन बच्चे को बचाते हुए घायल हो गए थे। उनकी हड्डी टूट गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। सर्जरी हुई। वे ठीक हुए, लेकिन कुछ समस्याएं फिर उत्पन्न हुई और वे इस दुनिया से चले गए।'

बता दें फिल्म रिलीज़ होने से पांच महीने पहले ही नरीमन का निधन हो गया था। फिल्म बनने की प्रक्रिया में तो वो शामिल रहे, लेकिन स्क्रीन पर वो फिल्म को देख न सकें। हालांकि, इस फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़े और अमिताभ बच्चन को 'बेस्ट एक्टर' का फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिलवाया। 

'डॉन' का 'खईके पान बनारस वाला'

इस गाने के बारे में अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर लिखते हैं, 'एक एक्शन सीन के दौरान मेरे पैर पर चोट आ गई थी। इस चोट की वजह से जूते या चप्पल पहनना मुश्किल था, लेकिन मैं नंगे पैर दूर तक चल भी नहीं पाता ता। ऐसे में पेन किलर के इंजेक्शन लेकर नंगे पैर ही इस गाने को शूट किया। फिल्म के लेखक सलीम-जावेद को यह गाना इतना पसंद आया कि रशेज देख कर दोनों ने मुझे टेलीग्राम कर बधाई दी। तब मैं श्रीनगर में दूसरी फिल्म की शूटिंग कर रहा था। मुझे पैलेस होटल का वो कमरा आज भी याद है, जहां पर मुझे वो बधाई संदेश मिला था और मैं खुशी से नाच उठा था।' 

'डॉन' को नहीं मिले थे दर्शक

जी हां, आज भले ही इस फिल्म की सफलता का जश्न मनाया जा रहा हो, लेकिन फिल्म रिलीज़ के एक सप्ताह तक पर्याप्त दर्शक नहीं जुटा पा रही थी। फिर धीरे-धीरे 'खईके पान बनारसवाला' लोकप्रिय हुई और फिर फिल्म को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इससे जो भी आमदनी हुई, वो नरीमन ईरानी की पत्नी को दी गई।

शाहरुख के 'डॉन' के लिए सलीम की सहमति

पटकथा लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने मिलकर 'डॉन' की कहानी लिखी थी। वहीं जब जावेद के बेटे फरहान अख्तर ने इस फिल्म का रीमेक बनाने की इच्छा जताई, तो फरहान को जावेद ने कहा, 'इसकी कहानी मैंने और सलीम खान ने मिलकर लिखी है। इसलिए उनकी सहमति भी जरूरी है।' दरअसल, सलीम-जावेद की जोड़ी टूट चुकी थी और उनके रिश्ते पहले की तरह नहीं थे। 

फरहान इजाज़त लेने के लिए सलीम खान के घर पहुंचे, तो उन्होंने खुशी-खुशी इजाजत दे दी। साल 2006 में फरहान ने शाहरुख खान को लेकर 'डॉन' का रीमेक बनाया। फिल्म ने ठीक-ठाक कारोबार किया। शाहरुख की तुलना अमिताभ से की गई और ज्यादातर लोगों ने माना कि 'डॉन' के रूप में अमिताभ के मुकाबले शाहरुख कहीं नहीं ठहरते। अभी तक फरहान, शाहरुख को लेकर 'डॉन' की दो किश्ते बना चुके हैं, तीसरे की तैयारी काफी समय से हो रही है, लेकिन इसे लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है।

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