अमिताभ बच्चन की 'जंजीर' के बनने की कहानी भी है काफी दिलचस्प

हिन्दी सिने जगत को 'एंग्री यंग मैन' देने वाली फिल्म 'जंजीर' को रिलीज़ हुए आज 47 साल हो गए। इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन के करियर की डगमगाती नैय्या को संभाला था। प्रकाश मेहरा के होम प्रोडक्शन की पहली फिल्म पहले धर्मेंद्र और मुमताज को लेकर बनाई जा रही थी, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बदली की कई अभिनेताओं से गुजरते हुए अमिताभ तक यह फिल्म आई। आइए बताते हैं इस फिल्म के बनने की पूरी कहानी। 

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बॉलीवुड फिल्म 'जंजीर' अमिताभ बच्चन के करियर के लिए मील का पत्थर है। 11 मई 1973 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने अमिताभ को स्टार बनाया। हालांकि, बीते चार साल से वो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। इस दौरान तकरीबन बारह फिल्मों में उन्होंने काम कर लिया था। 

इन बारह फिल्मों में सिर्फ दो ही फिल्में ऐसी थीं, जिनको थोड़ी-बहुत सफलता मिली, लेकिन उन फिल्मों का क्रेडिट भी किसी और के नाम रहा। वो दो फिल्में थी पहली महमूद की 'बॉम्बे टू गोवा' और दूसरी ऋषिकेश मुखर्जी की 'आनंद', जिसमें अमिताभ के साथ राजेश खन्ना थे।

फिल्म 'आनंद' की सफलता का क्रेडिट राजेश खन्ना ले गए और अमिताभ बच्चन को प्रोत्साहन से काम चलाना पड़ा। अब अपने करियर की गाड़ी को इस तरह से डांवाडोल होते देख अमिताभ निराश हो गए और इलाहाबाद जाने लगे। तभी उन्हें निर्मता-निर्देशक प्रकाश मेहरा ने फिल्म 'जंजीर' में साइन कर लिया और इसके बाद का बाकी सब इतिहास है। 

'जंजीर' को चार अभिनेताओं ने ठुकराया, फिर अमिताभ ने पाया 

प्रकाश मेहरा ने इस फिल्म बनने के कहानी का खुलासा एक इंटरव्यू के दौरान किया था। उन्होंने कहा था, 'दरअसल, यह फिल्म मेरी नहीं थी, बल्कि धर्मेंद्र ने इसकी कहानी को सलीम-जावेद से खरीद लिया था। उसी समय मैं फिल्म 'समाधि' नाम से फिल्म बनाने की प्लानिंग कर रहा था। इसके बारे में धर्मेंद्र को खबर लगी, तो उन्होंने 'समाधि' के बदले 'जंजीर' मुझे दे दी।' 

अब यह फिल्म धर्मेंद्र और एक्ट्रेस मुमताज़ फाइनल कर दी गईं। फिल्म की अनाउंसमेंट हो गई। फिल्म फ्लोर पर जाने का इंतज़ार करती रही, क्योंकि धर्मेंद्र उन दिनों काफी व्यस्त थे। ऐसे में दो साल निकल जाने के बाद प्रकाश मेहरा ने आखिरकार धर्मेंद्र से पूछ ही लिया कि करना क्या है इस फिल्म का?...इसके जवाब में धर्मेंद्र ने कहा कि फिल्म में काम नहीं कर पाऊंगा, लेकिन प्रोड्यूस कर दूंगा। तुम किसी और को कास्ट कर लो। 

इसके बाद लीड एक्टर की तलाश शुरू हुई। प्रकाश मेहरा, देव आनंद के पास पहुंचे। देव आनंद ने कहा कि फिल्म में कुछ और गाने डालो, लेकिन प्रकाश मेहरा इसके खिलाफ थे। इसलिए देव आनंद फिल्म से नहीं जुड़े। 

फिर स्क्रिप्ट पहुंची दिलीप कुमार के पास। दिलीप कुमार ने कहा कि फिल्म का कैरेक्टर काफी सपाट है। इसमें कोई कैसे परफॉर्म करेगा। इसलिए दिलीप कुमार ने भी फिल्म से जुड़ना उचित नहीं समझा। 

अब प्रकाश मेहरा, राज कुमार के पास पहुंचे। राज कुमार को स्क्रिप्ट काफी पसंद आई, लेकिन उन्होंने भी एक शर्त रखी। राज कुमार का कहना था कि फिल्म को माहिम के बदले मद्रास में लोकेट करो। दरअसल, उन दिनों राज कुमार कई फिल्मों की शूटिंग मद्रास में कर रहे थे। 

राज कुमार का यह प्रस्ताव प्रकाश मेहरा को पसंद नहीं आया और नए चेहरे की तलाश में जुट गए। तभी अभिनेता प्राण ने अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया, तो प्रकाश मेहरा को बी फिल्म 'बॉम्बे टू गोवा' याद आ गया। इस तरह से अमिताभ को अपनी फिल्म में कास्ट करने पहुंचे, लेकिन इलाहाबाद जाने की जिद लेकर बैठे अमिताभ राजी नहीं हो रहे थे। हालांकि, प्रकाश मेहरा ने उन्हें इसके लिए मना लिया। 

'जंजीर' के बदले प्रकाश मेहरा ने दी एक और कहानी 

प्रकाश मेहरा ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि 'जंजीर' के लिए सिर्फ 'समाधि' नहीं बल्कि एक और फिल्म भी धर्मेंद्र के कहने पर देनी पड़ी थी। 

दरअसल, यह बात तब की है, जब धर्मेंद्र और मुमताज फिल्म 'जंजीर' के लिए फाइनल थे। इसी दौरान मेहरान ने नामचीन लेखक के. नारायण से 'कहानी किस्मत की' का आइडिया खरीदा था। धर्मेंद्र को फिल्म का सब्जेक्ट पसंद आया, और उन्होंने इस फिल्म के आइडिया को फिल्म इंडस्ट्री में उनके गॉडफादर अर्जुन हिंगोरानी को देने के लिए कहा। इसके बदले में धर्मेंद्र ने फिल्म 'जंजीर' में पूरा सपोर्ट करने का वादा किया। भारी मन से प्रकाश मेहरा ने धर्मेंद्र के कहे अनुसार किया। 

भाई की वजह से 'जंजीर' से अलग हुए थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र ने फिल्म 'जंजीर' से खुद को बिजी शेड्यूल की वजह से अलग किया था। दरअसल, धर्मेंद्र अपने भाई की फिल्म को शुरू करना चाह रहे थे। इस फिल्म की शूटिंग आधी होने के बाद वो 'जंजीर' की शूटिंग शुरू करने वाले थे। ऐसे में मेहरा को लगा कि उनकी फिल्म लगातार बैक बर्नर पर जा रही है, तो फिर धर्मेंद्र से इस मामले पर बात की। तब धर्मेंद्र ने फिल्म से खुद को व्यस्तता के चलते अलग लिया। 

अमिताभ के चलते प्रकाश मेहरा की आलोचना

जब अमिताभ बच्चन को अपनी फिल्म में प्रकाश मेहरा ने लिया, तो सभी ने उनकी खूब आलोचना की। दरअसल, अमिताभ बच्चन पर 'फ्लॉप एक्टर' का टैग लगा हुआ था। मुमताज के साथ उनकी फिल्म 'बंधे हाथ' बॉक्स ऑफिस पर डिज़ास्टर रही। इस वजह से अमिताभ होमटाउन इलाहाबाद वापस लौट रहे थे।

मुमताज़ ने जब मोड़ा प्रकाश मेहरा से मुंह, तो आई जया

फिल्म 'जंजीर' की कास्टिंग टेढ़ी खीर रही है। जैसे-तैसे करके अमिताभ फाइनल हुए, तो फिल्म की हीरोइन मुमताज़ ने फिल्म से हाथ खींच लिया। मुमताज़ ने अचानक करियर को छोड़ शादी करने का फैसला ले लिया था। कुछ फिल्मी जानकारों का कहना है कि अमिताभ बच्चन के साथ एक और फ्लॉप फिल्म मुमताज़ नहीं देना चाहती थीं। 

ख़ैर, वजह जो भी हो। अब प्रकाश मेहरा को अपनी फिल्म के लिए लीडिंग लेडी की तलाश में जुटना पड़ा। इसके बाद कुछेक एक्ट्रेस से प्रकाश मेहरा ने बात की, लेकिन मामला जमा नहीं। हालांकि, खुशकिस्मती से उसी वक्त मेहरा एक अन्य फिल्म में जया भादुड़ी के साथ काम कर रहे थे। अमिताभ ने जया से कहा कि कोई भी हीरोइन उनके साथ काम नहीं करना चाहती। तब जया ने उनसे कहा कि वे मेहरा को उन्हें अप्रोच करने के लिए कहें। इस तरह 'जंजीर' की कास्टिंग पूरी हुई। 

अमिताभ को कहते थे, 'लंबा बेवकूफ हीरो'

इसी इंटरव्यू में प्रकाश मेहरा ने बताया था कि उनके पास फाइनेंसर नहीं थे और डिस्ट्रीब्यूटर भी फिल्म को लेने को तैयार नहीं थे। बकौल मेहरा, 'वे मुझपर हंसते थे और कहते थे यह लंबा बेवकूफ हीरो कौन है? अमिताभ रोते थे। वे उन दिनों मुझे सर कहते थे, लेकिन मैंने कहा कि मैं उनका प्रोफेसर या टीचर नहीं था। मैं उनका डायरेक्टर था। तब उन्होंने मुझे लल्ला (यूपी में भाई के लिए इस्तेमाल होने वाला संबोधन) कहना शुरू किया। उन्होंने शिकायत की कि लल्ला मैं नहीं जानता कि इस फिल्म के बाद मेरा भविष्य क्या होगा? और मैं उन्हें कहता कि स्वार्थी मत बनों और मेरे बारे में सोचो, क्योंकि यदि कुछ भी गड़बड़ हुई, तो मैं तो सबकुछ गंवा बैठूंगा।'

ख़राब शुरुआत से बीमार हुए अमिताभ 

प्रकाश मेहरा ने बताया, 'कोलकाता में फिल्म अच्छी चली, लेकिन बॉम्बे में शुरुआती चार दिन अच्छे नहीं रहे।' वो आगे कहते हैं, 'मुझे लगा कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। खराब 5 शुरुआत देख अमिताभ इतने हताश हुए कि उनको बुखार आ गया।' बता दें उन्हीं दिनों ऋषि कपूर की 'बॉबी' भी रिलीज़ हुई थी, जिसे यंगस्टर्स काफी पसंद कर रहे थे। 

'जंजीर' का 5 रु. का टिकट 100 रु. में बिका

प्रकाश मेहरा ने आगे बताया, 'चार दिन बाद जब दूसरे सप्ताह की बुकिंग शुरू हुई, तो मैं बांद्रा स्थित गैट्टी गैलेक्सी सिनेमा के सामने से गुजर रहा था। मैंने देखा कि टिकट खिड़की पर एडवांस बुकिंग वालों की भीड़ जमा है और 5 रुपए का टिकट 100 रुपए में बेचा जा रहा था। मैं हैरान था। मैंने इससे पहले किसी भी फिल्म के लिए गैट्टी गैलेक्सी के बाहर इतनी भीड़ नहीं देखी थी। जब अमिताभ ने इस बारे में सुना, तो उनका बुखार बढ़कर 104 डिग्री पहुंच गया। दरअसल, उसे भरोसा ही नहीं हो रहा था कि वो अब स्टार बन गया है।'

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