'ज़िंदगी की यही रीत है' को ऐसे मिली किशोर कुमार की आवाज़



अनिल कपूर ने फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के गीत 'ज़िंदगी की यही रीत है' को लेकर एक दिलचस्प जानकारी अपने सोशल मीडिया पर शेयर की। दरअसल, फिल्म को रिलीज़ हुए 33 साल हो गए। इसी मौके पर फिल्म से जुड़ा यह रोचक किस्सा भी अनिल कपूर ने फॉलोवर्स के साथ साझा किया। 

anil kapoor's movie mr india completed 33 years
शेखर कपूर के निर्देशन में बनी अनिल कपूर और श्रीदेवी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'मिस्टर इंडिया' को रिलीज़ हुए 33 साल हो गए। बोनी कपूर ने इस फिल्म का निर्माण किया था। यह फिल्म25 मई 1987 में रिलीज़ हुई थी। 

इस साई-फाई फिल्म ने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। आज अनिल कपूर अपनी इस फिल्म से जुड़ा एक रोचक किस्सा शेयर किया। यह किस्सा किशोर कुमार और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से जुड़ा है। 

अनिल अपने इंस्टाग्राम पर एक गाने का वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं, ''मिस्टर इंडिया' के 34 साल। 'मिस्टर इंडिया' मेरे लिए बहुत खास फिल्म रही। मुझे याद है जब 34 साल पहले हमने इस सफर की शुरुआत की थी और मैं चीज की जानकारी के लिए जुनूनी थी। जब मैंने 'जिंदगी की यही रीत है' गाने की धुन सुनी थी, तो मैं सिर्फ इसमें किशोर दा की आवाज इमेजिन कर रहा था। तब किशोर कुमार और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल साथ काम करना नहीं चाहते थे। किशोर दा के संपर्क में आने में भी महीनों लग गए।'

इसी पोस्ट में अनिल आगे लिखते हैं, 'जब मेरी उनसे बात हुई, तो मैं किशोर कुमार के घर गया और दोनों की बात करवाई। इसका परिणाम है यह शानदार मेलोडी, जो आज के मुश्किल समय में भी याद की जा सकती है।'



Mr India was & always will be a very important film for me. I remember even 34 years ago when we began the journey I became obsessed with every detail. From the time I heard the tune of ‘Zindagi Ki Yahi Reet Hai’ I could only imagine Kishore Da’s voice singing it. At the time, Kishore Kumar & Laxmikant Pyarelal did not want to work together. It took months to even get in touch with Kishore da. When I finally did, I went to Kishore Kumar’s residence & mediated their patch up...the end result was this beautiful melody which is so uplifting during these tough times. Today is 33 years since the release of Mr India and it’s message is still as important, if not more so. Be kind to each other, do the right thing; life may get tough, but in the end, good will prevail. ‘Zindagi Ki Yehi Reet Hai Haar Ke Baad Hi Jeet Hai Thode Aansu Hai, Thodi Hasi Aaj Gham Hai To Kal Hai Khushi’
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अमिताभ से आया आइडिया

इस फिल्म को सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखा था। इस फिल्म की स्टोरी को लेकर दोनों ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वो फिल्म में अमिताभ बच्चन को कास्ट करना चाहते थे, क्योंकि अमिताभ बच्चन की वजह से ही फिल्म स्टोरी का आइडिया आया था। 

दरअसल, हुआ यह कि प्रमोद चक्रवर्ती की एक फिल्म के मुहूर्त के लिए अमिताभ बच्चन नहीं पहुंच पाए, तब अमिताभ के ऑडियो से उस वक्त काम चलाया गया। बस इसे ही देखकर सलीम-जावेद को फिल्म की कहानी का आईडिया मिला। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स की माने, तो फिल्म की कहानी नॉवेल 'द इनविजिबल मैन' से इंस्पायर्ड थी। 

ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म 'मोगैम्बो'

फिल्म में अमरीश पुरी ने 'मोगैम्बो' नाम का किरदार निभाया था। उनका डायलॉग 'मोगैम्बो खुश हुआ' काफी मशहूर है। इस किरदार के नाम की प्रेरणा हॉलीवुड की ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म 'मोगैम्बो' से मिला। जबकि फिल्म में 'मोगैम्बो' बने अमरीश पुरी की हेयरस्टाइल पाकिस्तान के राष्ट्रपति जियाउल-हक़ से इंस्पायर्ड थी। 

संजय कपूर बने अनिल के बॉडी डबल

'मिस्टर इंडिया' में अनिल कपूर के भाई संजय कपूर उनके बॉडी डबल बने थे। फिल्म के एक सीन में जब अनिल कपूर का किरदार गरीबों को खाना खिलाते दिख रहे हैं, वो अनिल कपूर नहीं, बल्कि संजय कपूर हैं। 

इस फिल्म के लिए श्रीदेवी ने पारिश्रमिक के रूप में 11 लाख रुपए लिए थे। दरअसल, बोनी का फिल्म में श्रीदेवी काम नहीं करना चाहती थीं, तो भगाने के लिए फीस बढ़ा कर मांग ली। लेकिन बोनी कपूर किसी भी कीमत पर श्रीदेवी को फिल्म लेना ही चाहते थे। लिहाजा इस रकम को खुशी-खुशी चुकाने को राजी हो गए।

अब जब इसकी जानकारी अनिल कपूर को हुई, तो वो अपने भाई से खासे खफा हो गए और यहां तक कि फिल्म की शूटिंग करने के लिए मना कर दिया था। हालांकि, बाद में मनाने के बाद वो मान गए।

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