आखिर क्यों सत्यजीत रे ने अमिताभ बच्चन की 'इच्छा' के बावजूद नहीं की कोई फिल्म

सत्यजीत रे की फिल्म में अमिताभ बच्चन काम करना चाहते थे और अपनी इस इच्छा को पूरी करने के लिए उन्होंने जया बच्चन से संदेश भी भिजवाया। फिर भी मामला सिफर रहा, क्योंकि सत्यजीत ने कहा कि अमिताभ के साथ काम करने के लिए अभी उनको कुछ और फिल्में करनी होंगी। 

satyajit ray never did work with amitabh bachchan
भारतीय सिनेमा को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाले दिग्गज फिल्मकार सत्यजीत रे की फिल्म में महानायक अमिताभ बच्चन काम करना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा लाख कोशिशों के बाद भी अधूरी रह गई। 

बता दें सत्यजीत रे भारतीय सिनेमा के इकलौते शख्स हैं, जिन्होंने पद्मश्री से पद्म विभूषण तक और ऑस्कर अवार्ड से लेकर दादासाहेब फाल्के पुरस्कार समेत 32 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त किया है। 

सत्यजीत ने अपने पूरे करियर में कई दिग्गज कलाकारों के साथ शानदार फिल्में बनाई हैं, लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने एक भी फिल्म नहीं की। हालांकि, उनकी 'शतरंज की खिलाड़ी' में अमिताभ बतौर नरेटर जुड़े थे। इस फिल्म के बाद उनकी सत्यजीत रे के साथ काम करने की इच्छा और प्रबल हो गई। 

सत्यजीत रे अक्सर अमिताभ की तारीफ किया करते थे, लेकिन फिल्म बाने की बात जम नहीं पाती थी। रे का कहना था, 'मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं, लेकिन मैं बंगाली फिल्में ही बनाता हूं।'

अब जब रे से कहा गया कि अमिताभ भी तो बंगाली बोल लेते हैं। इसके जवाब में रे ने कहा, 'थोड़ी-बहुत बंगाली से काम नहीं चलेगा और यदि वो गैर-बंगाली किरदार भी निभाना चाहें, तो उन्हें टूटी-फूटी बंगाली बोलनी होगी।'

रे ने आगे कहा था, 'दुर्भाग्य से हम दो, अलग-अलग दुनिया में रहते हैं। वो हिंदी सिनेमा के विश्व में और मैं बंगाली सिनेमा के एक छोटे से संसार में।'

वैसे बता दें कि अमिताभ बच्चन की पत्नी अभिनेत्री जया बच्चन ने अपने सिने करियर की शुरुआत सत्यजीत रे की फिल्म से ही की थी। जया जब सिर्फ 14-15 साल की थीं, तो रे ने उनको अपनी फिल्म 'महानगर' में कास्ट किया था। इस फिल्म के बाद ही जया को एक्टिंग का शौक सवार हुआ और उन्होंने एफटीआईआई में एडमिशन लिया और गोल्डमेडलिस्ट बनी। 

अमिताभ बच्चन ने सत्यजीत रे के साथ काम करने के लिए जया बच्चन से भी सिफारिश लगवाई। इस बात की तस्दीक़ सत्यजीत रे की पत्नी बिजोया की किताब 'मणिक एंड आई' में किया गया है। साल 1992 में सत्यजीत रे के निधन तक लिखी गई, उनकी निजी डायरी पर आधारित इस किताब को पेंग्विन इंडिया ने प्रकाशित किया है। 

बिजोया अपनी किताब में लिखती हैं, 'जया बच्चन ने मुझे बताया कि अमिताभ, माणिक (सत्यजीत) के साथ उनकी किसी भी बंगाली फिल्म में काम करने के इच्छुक हैं। इस पर सत्यजीत मुस्कराए और बोले कि पहले मुझे अच्छा काम करने दो, तभी मैं दूसरी फिल्म के बारे में सोच सकता हूं। मैंने अमिताभ के साथ फिल्म करने की कई बार सोची, लेकिन बहुत महंगे कलाकारों में से एक हैं। हमारी बंगाल फिल्म इंडस्ट्री के पास इतना पैसा नहीं है।'

किताब में आगे लिखा, 'इस पर जया बच्चन ने तुरंत कहा कि आप ऐसा मत कहिए। आपके साथ काम करना काफी सम्मान की बात है और मुझे यकीन है कि वह आपसे इतने पैसों की मांग नहीं करेंगे'। 

सत्यजीत रे कम बजट की और नए चेहरों के साथ फिल्म बनाने के लिए जाने जाते थे। हालांकि, बॉलीवुड के कई सितारे जो नॉन बंगाली थे, उनके साथ सत्यजीत रे ने काम किया है। अमज़द खान, संजीव कुमार और वहीदा रहमान के नाम शामिल है। 

वहीदा रहमान को तो अपनी फिल्म 'गुलाबो' में कास्ट करने के लिए खुद सत्यजीत रे ने कॉल किया और कहा, 'आप मेरी फिल्म की किरदार के लिए उचित हैं, लेकिन आप जितनी फीस लेती हैं, उतनी दे नहीं पाऊंगा।' 

सत्यजीत रे से यह बात सुन वहीदा ने तुरंत ही कहा, 'आप कैसी बात कर रहे हैं। आपके साथ काम करना सम्मान की बात है। फीस की बात न करें। मुझे बता दें कि कब से शूटिंग शुरू हो रही है।'

यह तब की बात है, जब हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में वहीदा टॉप एक्ट्रेस का रूतबा रखती थीं।

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