गोविंदा ने बॉलीवुड में गुटबाजी पर कहा, 'अब 4-5 लोग मिल कर चलाते हैं इंडस्ट्री'



गोविंदा भी बॉलीवुड में छिड़ी गुटबाजी, नेपोटिज्म, आउटसाइडर की जंग में कूंद पड़े हैं। इस मामले पर उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पहले टैलेंटेड लोगों को काम मिलता था, लेकिन अब का दौर ऐसा है कि 4-5 लोग मिल कर पूरा बॉलीवुड बिजनेस चला रहे हैं। वहीं व्यक्ति तय करते हैं कि किसी फिल्म को रिलीज़ होने दिया जाए या नहीं। मेरी कुछ फिल्मों को रिलीज़ नहीं होने दिया गया। 

Govinda says earlier whoever was talented got work but nw 4-5 people who dictate the whole business
बॉलीवुड में छिड़ी नेपोटिज़्म, आउटसाइडर, गुटबाजी की जंग में अब गोविंदा ने भी एंट्री कर ली है। इस मामले पर उन्होंने एक अग्रेजी डेली को दिए अपने इंटरव्यू में कई बातें कहीं। 

उन्होंने बताया कि एक्टर-प्रोड्यूसर अरुण कुमार आहूजा और शास्त्रीय गायिका निर्मला देवी की संतान होने के बाद भी उन्हें इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड में गुटबाजी पर खुल कर बातें कीं। 

गोविंदा कहते हैं, 'फिल्म इंडस्ट्री में गुटबाजी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। पहले जिसमें टैलेंट होता था, उसे काम मिलता था। हर फिल्म को थिएटर में बराबर मौका मिलता था, लेकिन अब, चार से पांच लोग पूरे बिजनेस को चला रहे हैं। वो ही यह तय करते हैं कि जो व्यक्ति उनके करीबी न हो, तो उसकी फिल्में रिलीज़ हों या नहीं। मेरे भी कुछ फिल्मों को सही रिलीज का मौका नहीं मिला।' 

अपने फिल्मी करियर को लेकर गोविंदा ने कहा, 'मैंने 21 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था तब से बहुत पहले मेरे माता-पिता को इंडस्ट्री छोड़ चुके थे। ऐसे में जब मैं इंडस्ट्री में आया, तो कई लोगों को पता ही नहीं था कि मेरे पैरेंट्स कौन थे और मेरा बैकग्राउंड क्या था। मुझे प्रोड्यूसर्स से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।' 

गोविंदा ने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें सफलता गई थी, लेकिन तब भी कई लोगों ने उनसे कहा कि वह इंडस्ट्री में टिक नहीं पाएंगे। 

वो कहते हैं, 'मुझे शुरुआत में सफलता मिल गई थी, लेकिन लोग मुझसे कहते थे कि तुम इंडस्ट्री में टिक नहीं पाओगे। यह सब मेरे मुंह पर ही कहते थे, लेकिन मैं जानता था कि राज कपूर जी, अमिताभ बच्चन जी, विनोद खन्ना जी और राजेश खन्ना जी भी इस तरह के दौर से गुजरे थे। इंडस्ट्री में आपके पास सही नजरिया होना बहुत जरूरी है। या तो आप कड़ी मेहनत करें, या इस पर ध्यान दें कि लोग क्या कह रहे हैं।' 

आगे कहा, 'जब मैंने पॉलिटिक्स जॉइंन की थी, तो लोगों ने कहा था कि यह फैसला मेरे अंदर के एक्टर के खिलाफ जाएगा, लेकिन यह बात सही साबित नहीं हुई क्योंकि पॉलिटिक्स जॉइंन करने के बाद मैंने जो फिल्में कीं, उन्हें भी सफलता मिली।' 

वहीं अपनी बेटी टीना के करियर पर सवाल किए जाने पर गोविंदा बोले, 'मैंने अपनी बेटी के बारे में कभी बहुत बात नहीं की। यदि मैं ऐसा करता, तो स्थिति कुछ और होती। वह अपने रास्ते पर खुद चल रही है और जब वक्त आएगा तो वह खुद सफलता पाएगी।'

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