Netflix ने दिया इंडियन ऑडियंस को कंटेंट का जबरदस्त तोहफा



भारतीय दर्शकों को रिझाने के लिए नेटफ्लिक्स ने पूरी तरह से कमर बांध लिया है। गुरुवार को एक के बाद कई प्रोजेक्ट्स जल्दी ही स्ट्रीम की घोषणा की गई, जिनमें बड़े सितारों की फिल्मों से लेकर वेब सीरीज़ तक शामिल हैं। इनमें 'गुंजन सक्सेना', 'लूडो' और 'ए सूटेबल बॉय' समेत कई प्रोजेक्ट्स हैं। पूरी लिस्ट रिपोर्ट में पढ़िए। 

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भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म का दायरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक नेटफ्लिक्स आने वाले महीनों में 17 नए भारतीय दर्शकों के लिए ओरिजिनल लेकर आ रहा है, जिनमें फिल्मों से लेकर लेकर वेब सीरीज और एनिमेशन फिल्म तक शामिल हैं। कंपनी ने गुरुवार को एक टीजर के जरिये इसका एलान किया। 

हाल ही में अमेज़न प्राइम इंडिया और डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार ने अपने-अपने प्‍लेटफॉर्म पर सात-सात फिल्‍मों की अनाउंसमेंट की थी। अब नेटफ्लिक्‍स ने भी गुरुवार को नए वेब शोज, फिल्‍मों और बाकी तरह के कंटेंट का ऐलान किया।

इस लिस्ट में फिलहाल छह फिल्‍मों की अनाउंसमेंट हुई हैं। वैसे इन सबके बारे में प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष तौर पर बुधवार की देर शाम से ही सोशल मीडिया पर इन प्रोजेक्‍टों से जुड़े लोग संकेत दे रहे थे।

ये फिल्‍में 'लूडो', 'तोरबाज', 'रात अकेली है', 'डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे', 'गिन्‍नी वेड्स सन्‍नी' और 'बॉम्‍बे रोज' हैं। 'बॉम्‍बे रोज' ऐसी पहली भारतीय एनिमेशन फिल्‍म है, जो वेनि‍स क्रिटिक वीक में सिलेक्‍ट हुई। इनकी अनाउंसमेंट नेटफ्लिक्‍स इंडिया के कंटेंट डिपार्टमेंट की वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल ने की। 

मोनिका ने कहा, 'हम अपने मेंबर्स की पसंद, नापसंद और स्‍वाद को बेहतर तरीके से जानते हैं। कभी वो कॉमेडी पसंद करते हैं तो कभी थ्रिलर व हॉरर। हम बेहद खुश हैं, जो अलग-अलग तरह की कहानियां लेकर आ रहे है।'

नेटफ्लिक्‍स ने 'गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल', 'तृभंगा: टेढी-मेढी क्रेजी', 'क्‍लास ऑफ 83', 'सीरियस मैन' और 'एक डार्क कॉमेडी एके वर्सेज एके' की एनाउंसमेंट की है।


सीरियस मैन- सीरियस मैन फिल्म मनु जोसेफ के नॉवेल पर अधारित है। इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी और श्‍वेता बासू प्रसाद मुख्‍य भूमिकाओं में हैं। नवाज की इस तरह दो फिल्‍में नेटफ्लिक्‍स पर आ रही हैं।

रात अकेली है- रात अकेली है नाम की है। इसे हनी श्रेहान ने डायरेक्‍ट किया है।

क्‍लास ऑफ 83-क्‍लास ऑफ 83 में बॉबी देओल, अनूप सोनी, भूपेंद्र जडावत और हितेश भोजराज हैं। 

एके वर्सेज एके-एके वर्सेज एके में अनिल कपूर और अनुराग कश्‍यप मेन रोल में हैं। 

तृभंगा-तृभंगा में काजोल, तन्‍वी आजमी और मिथिला पार्कर हैं।

इन सबके अलावा नई अनाउंसमेंट के तहत आने वाले दिनों में 'मिसमैच्‍ड' और 'ए सूटेबल बॉय', 'मसाबा-मसाबा', 'बॉम्‍बे बेगम्‍स' और 'भाग बेनी भाग' जैसी ओरिजिनल सीरिज भी इस प्‍लेटफॉर्म पर स्‍ट्रीम होंगी। 

'मिसमैच्ड' में यूट्यूबर प्राजक्‍ता कोली और रोहित सराफ हैं। यह संध्‍या मेनन की किताब व्‍ह्रेन डिंपल मेट ऋषि पर बेस्‍ड है।

'ए सूटेबल बॉय' विक्रम सेठ के नॉवेल पर बेस्‍ड है। इसमें ईशान खट्टर, तब्‍बू, रसिका दुग्‍गल और राम कपूर हैं। यह अमेरिका और कनाडा को छोड़ बाकी देशों में स्‍ट्रीम होगी।

'मसाबा-मसाबा' में मां बेटी नीना गुप्‍ता और मसाबा गुप्‍ता की कहानी है।

'बॉम्‍बे बेगम्‍स' में पूजा भट्ट, अमृता सुभाष, शहाना गोस्‍वामी व अन्‍य हैं।

'भाग बेनी भाग' का टाइटल पहले 'मेस्सी' था। इसमें स्‍वरा भास्‍कर, रवि पटेल, डॉली सिंह हैं।

क्लैश की दिक्कत नहीं

नेटफ्लिक्स के कंटेंट डिपार्टमेंट की वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल ने आगे बताया कि स्‍टार पॉवर के साथ अच्‍छी कहानियां बहुत जरूरी हैं। हर कहानी में एक पैकेज होता है। सही कहानियों के लिए सही कास्टिंग जरूरी होती है। तभी नेटफ्लिक्‍स के लिए सिर्फ लाइसेंस्‍ड फिल्‍म जरूरी नहीं, जो भी कहानीकार अच्‍छी कहानियां लेकर आते हैं, नेटफ्लिक्‍स के दरवाजे उनके लिए सदा खुले हैं।

बीते चार महीनों में डिजिटल प्‍लेटफॉर्म पर जबरदस्त क्रांति देखने को मिल रही है। सभी ने अपनी-अपनी फिल्‍मों की अनाउंसमेंट की है। जो जिस दिन आ रहा है, वह डे जीरो होता है। यहां स्‍ट्रीमिंग बिजनेस में सिनेमाघरों की तरह ओपनिंग बिजनेस नहीं होता है। कोई भी प्‍लेटफॉर्म जब भी आता है, तो यहां डेट क्‍लैश की मगजमारी नहीं होती है। दर्शक अपनी सुविधा से किसी भी समय में उसे देखते हैं। मिसाल के तौर पर नेटफ्लिक्‍स पर जो कंटेंट तीन चार साल पहले रिलीज किए थे, वे पिछले तीन चार महीनों में ज्‍यादा देखे गए हैं।

मोनिका शे‍रगिल ने इस बात पर भी जोर दिया कि कंटेंट का साइज और स्‍केल स्‍टार के नाम से ही तय नहीं होता। कहानी कहने के तरीके से स्‍केल तय होता है। कौन कह सकता है कि 'गुंजन सक्‍सेना' या 'लूडो' जैसी फिल्‍में बड़े स्‍केल की हैं या नहीं। दर्शकों को उन्‍हें प्‍यार देना चाहिए। कहने का मतलब यह है कि पिछले तीन चार महीनों में जिस भी प्‍लेटफॉर्म पर जो भी अनाउंसमेंट्स हुई हैं, उनसे दर्शकों का भला हुआ है। उनके पास ज्‍यादा चॉइसेज आई हैं। यह बात जरूर है कि नेटफ्लिक्‍स अपने ओरिजिनल कंटेंट के लिए जाना जाता रहा है। उसकी डिजाइनिंग और पैकेजिंग अलग होती है। 

'लूडो' या 'रात अकेली है' और फिल्‍मों को नेटफ्लिक्‍स पर लाया जा रहा है, जो मूल रूप से तो सिनेमाघरों की ऑडियंस के हिसाब से डिजाइन की गई थीं। इसका जवाब है कि जो अनाउंसमेंट्स हैं, उनमें वैरायटी हैं, जो नेटफ्लिक्‍स की ओरिजिनल्‍स 'बुलबुल' विजुअली बहुत खूबसूरत है। 'गिल्‍टी' कंटेंट ड्रिवेन है। 'एके वर्सेज एके' अनिल कपूर व अनुराग कश्‍यप के साथ व यूनीक डिलाइट देगी। 'क्‍लास ऑफ 83' एक इंटेंस कॉप ड्रामा है। तो नेटफ्लिक्‍स के ओरिजनल्‍स या जो फिल्‍में एक्‍वॉयर हुई हैं, उनमें ज्‍यादा फर्क नहीं रहेगा।


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