'आज तक' और 'एबीपी न्यूज़' पर भी लीगल एक्शन लेने की तैयारी में बॉलीवुड?

#BollywoodStrikesBack की मुहीम और तेज हो रही है। बॉलीवुड का प्रतिनिधित्व कर रहे डीएसके लीगल ने एक ताजा प्रेस रिलीज़ जारी करते हुए सूचित किया है कि सिर्फ चुनिंदा चैनल ही नहीं, बल्कि उन सभी चैनल्स, प्लेटफॉर्म्स पर भी कठोर कार्यवाही की जाएगी, जो बॉलीवुड के लिए अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं या करेंगे।

Bollywood take legal action against all media houses

मीडिया हाउसेस के खिलाफ लीगल एक्शन को लेकर बॉलीवुड के प्रोडक्शन हाउसेस की तरफ से बुधवार को एक स्टेटमेंट जारी किया गया, जिसमें यह साफ किया गया कि किसी चुनिंदा चैनल या व्यक्ति विशेष के खिलाफ यह कार्यवाही नहीं गई है, बल्कि पूरी मीडिया इंडस्ट्री के खिलाफ यह कठोर कदम उठाया गया है।

बॉलीवुड का प्रतिनिधित्व कर रहे डीएसके लीगल ने पुष्टि कपते हुए कहा है कि उनके क्लाइंट सिर्फ मुकदमा किये गए चैनलों और प्लेटफार्मों के खिलाफ आदेश नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अनाम दोषियों के खिलाफ भी जिनका नाम बदलकर जॉन डो / अशोक कुमार के रूप में संदर्भित किया गया है, जो एबीपी न्यूज़ और आज तक हो सकते हैं।

डीएसके लीगल द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ में आगे कहा गया है, 'इसका मतलब है कि वादकारियों के पक्ष में पारित कोई भी आदेश सभी टेलीविजन चैनलों और डिजिटल प्लेटफार्मों के कंटेंट्स पर भी लागू होगा, जो इस तरह के आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाएंगे।'

लीगल टीम ने यह भी साफ किया कि उनके क्लाइंट मीडिया रिपोर्टिंग के खिलाफ नहीं है। किसी केस की छानबीन को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रिपोर्टिंग जिम्मेदारीपूर्वक होनी चाहिए।

हिन्दी फिल्म बिरादरी ने एकजुटता दिखाते हुए मिलकर दो दिन पहले रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ और उनके चार एंकर्स (अर्नब गोस्वामी, प्रदीप भंडारी, नविका कुमार और राहुल शिवशंकर) के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक मुकदमा दायर किया है।

प्रोड्यूसर्स ने इन पत्रकारों द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में संचालित एक तथाकथित ड्रग कार्टेल का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कुछ वाक्यांशों पर आपत्ति जताई है।

जहां इन पत्रकारों ने बॉलीवुड के लिए 'गंदगी', 'स्कम', 'ड्रगी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, तो वहीं 'यह बॉलीवुड है, जहां गंदगी को साफ करने की आवश्यकता है', 'अरब के सभी परफ्यूम बॉलीवुड की गंदगी की बदबू को दूर नहीं कर सकती', 'यह देश की सबसे गन्दी इंडस्ट्री है', 'कोकीन और एलएसडी से सराबोर है बॉलीवुड'...जैसे वाक्यों का प्रयोग कर फिल्म इंडस्ट्री की मानहानि की।

बता दें वादी सूची में 34 प्रोडक्शन हाउसों के अलावा, द फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (पीजीआई), द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा), इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल (आईएफटीपीसी) और स्क्रीनराइटर एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए ) शामिल हैं।

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