Sandeep Aur Pinky Faraar Review: 'संदीप और पिंकी फरार' और ऑडियंस नदारद?

यशराज फिल्म्स के बैनर तले दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा स्टारर फिल्म 'संदीप और पिंकी फरार' रिलीज़ हो गई है। हालांकि, फिल्म तो बीते साल मार्च में ही रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से फिल्म रिलीज़ नहीं हो पाई थी। ख़ैर, पूरे बारह महीने के इंतज़ार के बाद आखिरकार फिल्म दर्शकों के सामने आ ही गई। फिर चलिए करते हैं फिल्म की समीक्षा।

Sandeep-Aur-Pinky-Faraar-Movie-Review

फिल्म : संदीप और पिंकी फरार

निर्माता : यशराज फिल्म्स

निर्देशक : दिबाकर बनर्जी

कलाकार : अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा, नीना गुप्ता, रघुबीर यादव और जयदीप अहलाव

जॉनर : ब्लैक कॉमेडी

रेटिंग : 2/5

दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी 'संदीप और पिंकी फरार' एक साल के इंतज़ार के बाद आखिरकार रिलीज़ हो ही गई। फिल्म में अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह तीसरा मौका जब परिणीति और अर्जुन की जोड़ सिल्वर स्क्रीन पर नज़र आ रही है। इससे पहले 'इश्‍कजादे' और 'नमस्‍ते इंग्‍लेंड' में दोनों दिखे थे।

कहानी

एक हैं संदीप वालिया यानी सैंडी (परिणीति चोपड़ा), जो एक सफल बैंकर हैं, तो वहीं दूसरे हैं पिंकेश उर्फ पिंकी(अर्जुन कपूर), जो हरियाणा पुलिस के अधिकारी हैं, लेकिन सस्‍पेंडेड हैं। सैंडी अपने बॉस के कारण एक बैंक करप्शन केस में फंस जाती है। वो खुद को बचाने की कोशिश कर रही है और उसका बॉस उसके पीछे पड़ा है। ऐसे में सैंडी से टकराता है पिंकी। अब पिंकी, सैंडी की मदद क्यों कर रहा है, क्या वो वाकई सैंडी की मदद करना चाहता है, या फिर मामला कुछ और है, जानने के लिए फिल्म देखना होगा।

समीक्षा

फिल्म में तमाम ट्विस्ट एंड टर्न्स के बाद भी बोझिल लगती है। कहानी का प्लॉट दमदार है, लेकिन धीमी रफ्तार और ढीलापन इसे अच्छी फिल्म बनने में बाधक बन जाते हैं। फर्स्ट हाफ कसा हुआ है, तो वहीं सेकेंड हाफ बेमन से बनाई फिल्म लगती है। हालांकि, फिल्म का क्लाइमैक्स ज़रूर चौंकाता है। फिल्म में क्लास, डिवीज़न, सोसायटी के कई पहलुओं पर रोशनी डालने की कोशिश की गई है, लेकिन सब कुछ सतही ही रही।

कलाकारों की परफॉर्मेंस की बात करें, तो अर्जुन ने अपनी हरियाणवी पर काफी अच्छी पकड़ बनाई हुई है, लेकिन एक्टिंग के मामले में अभी भी मामला सपाट ही है। वहीं परिणीति चोपड़ा ने अपने किरदार के साथ न्याय करने की भरसक कोशिश की है। कुछ हद तक वो प्रभावित करती हैं।

वहीं बाकी कलाकारों की बात करें, तो रघुबीर यादव और नीना गुप्‍ता मजेदार लगे हैं। पुलिसवाले बने जयदीप अहलावत के पास करने को कुछ खास नहीं था, लेकिन फिर भी वो अपना काम अच्छी तरह से कर गए।

संगीत के मामले में भी यह फिल्म फुस्स ही है। ले-देकर एक गाना था, जिसमें भी अनु मलिक चूक गए हैं, जबकि बैकग्राउंड स्कोर भी कोई कमाल न कर पाया।

ख़ास बात

कुल मिलाकर फिल्म के रोचक तथ्य को खोजने निकलेंगे, तो पाएंगे कि इसमें लड़की का नाम 'संदीप' और लड़के का नाम 'पिंकी' है, जिस बात को सोच कर बाद में मुस्कुरा सकते हैं। बाकी इस ब्लैक कॉमेडी में ट्रेजेडी ही ट्रेजडी है।

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