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‘चंगेज़’ का टाइटल ही नहीं मिल पाया : बॉबी देओल

वैसे तो बॉबी देओल फिल्म ‘पोस्टर बॉयज़’ से अपना कमबैक कर रहे हैं, लेकिन बीते साल ख़बरें थी कि वो ‘चंगेज़ खान’ नाम की फिल्म से सिल्वर स्क्रीन पर वापसी करने जा रहे हैं। फिर अचानक फिल्म के डिब्बाबंद होने की ख़बरें आईं। इस पूरे मसले पर बॉबी ने कहा कि दरअसल, फिल्म ‘चंगेज़’ का टाइटल ही हमें नहीं मिल पाया था। 

पोस्टर बॉयज़ में बॉबी देओल
मुंबई। बॉबी देओल बड़े परदे पर वापसी कर रहे हैं। उनकी यह कमबैक फिल्म ‘पोस्टर बॉयज़’ है, जिसमें वो अपने बड़े भाई सनी देओल और श्रेयस तलपड़े के साथ स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। बता दें फिल्म ‘पोस्टर बॉयज़’ साल 2014 में आई मराठी फिल्म ‘पोश्टर बॉयज़’ की हिंदी रीमेक है। इस फिल्म को श्रेयस तलपड़े न सिर्फ प्रोड्यूस कर रहे हैं, बल्कि वो इसे डायरेक्ट भी कर रहे हैं। 

बॉबी देओल इस फिल्म में एक हिंदी टीचर की भूमिका में नज़र आने वाले हैं। हालांकि, ख़बरें थी कि वो फिल्म ‘चंगेज़ खान’ नाम की फिल्म से सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रहे हैं। लेकिन बाद में ख़बरें आईं कि वो फिल्म बंद हो गई है। इस फिल्म के लिए बॉबी ने काफी तैयारी भी कर ली थी। लंबे बाल, बढ़ी दाढ़ी में वो अक्सर नज़र आने लगे थे। 

हालिया मुलाक़ात में जब उनसे उस फिल्म के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘दरअसल, फिल्म ‘चंगेज़ खान’ नहीं थी, बल्कि उसका नाम ‘चंगेज़’ था। लोगों को चंगेज़ नाम सुनकर अपने आप लगा कि वो चंगेज़ खान की बायोपिक है, जबकि सच्चाई यह है कि यह एक पल्प फिक्शन फिल्म थी।’

वो आगे कहते हैं कि यह प्रोजेक्ट बंद करना पड़ा क्योंकि लोगों को लगा कि यह एक डार्क फिल्म है और इसी वजह से प्रोड्यूसर्स ने भी अपना हाथ खींच लिया। इसके अलावा फिल्म का टाइटल भी हमें नहीं मिला।

हालांकि, बॉबी फिल्म ‘चंगेज़’ को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट करार देते हुए कहते हैं कि एक दिन मैं इस फिल्म को ज़रूर बनाऊंगा। हो सकता है लोगों को पसंद न आए, लेकिन फिर भी इसे बना कर रहूंगा। 

पंजाबी पुत्तर बॉबी की कमज़ोर पंजाबी

बॉबी एख पंजाबी परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका कहना है कि उनकी पंजाबी कमज़ोर है। कमज़ोर पंजाबी के लिए वो अपनी मां को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने बताया, ‘बचपन में जब मैं अपनी मां से बात करता था, तो लगता था कि मैं तो पंजाबी में ही बात कर रहा हूं, जबकि मैं उनसे हिंदी में बात करता था।’

वो आगे कहते हैं कि एक बार मेरे स्कूल से शिक़ायत आई कि ये लड़का इंग्लिश मीडियम स्कूल में होने के बाद भी हिंदी में बात करता था। फिर मुझ पर इंग्लिश बोलने का दबाव बना और नतीजतन हिंदी और इंग्लिश तो अच्छी है, लेकिन पंजाबी में हाथ तंग हो गए। 

हालात तो यह है कि यदि कोई मुझे पंजाबी फिल्म करने को कहे, तो उसके लिए तीन महीने मुझे अपनी पंजाबी को मांजने में लगेंगे। 

चूज़ी तो लोग हुए 

इतने समय तक सिल्वर स्क्रीन से दूर रहने का दर्द बयां करते हुए बॉबी कहते हैं कि बुरा तो लगता है, लेकिन क्या किया जाए, काम ही नहीं मिल रहा था।

अक्सर काम न मिलने पर कई कलाकार कहते हैं कि वो चूज़ी हो गए थे, लेकिन बॉबी का कहना है कि मैं कभी भी चूज़ी नहीं हुआ, लोग चूज़ी हो गए थे। उनको लगता था कि बॉबी ये नहीं करेगा, वो नहीं करेगा। जैसा भी था, वो समय गुज़र चुका है। 

वहीं अपनी आगामी फिल्मों के बारे में बात करते हुए वो कहते हैं कि फिलहाल तो सिर्फ ‘यमला पगला दीवाना 3’ ही कर रहा हूं। इसके अलावा कुछ स्क्रिप्ट्स भी पढ़ रहा हूं, लेकिन अभी तक कुछ कांक्रीट नहीं हुआ है।

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