सुष्मिता सेन को हो गई थीं एक ऑटो इम्यून डिसीज, सुनाई आपबीती

सुष्मिता सेन ने अपने वीडियो के जरिये खुलासा किया है कि बीते छह सालों से वो ऑटो इम्यून डिसीज से ग्रसित थीं, लेकिन नानचाकू के एक खास वर्कआउट से उन्होंने खुद को इस बीमारी से मुक्त कर लिया है। सुष्मिता ने इस वर्कआउट से जुड़ने के पीछे की कहानी भी सुनाई। 

sushmita sen was diagnosed with addisons disease and she fought with nunchakau
सुष्मिता सेन सोशल मीडिया अकाउंट पर एक्टिव रहने वाले कलाकारों में से हैं। यहां पर वो अक्सर अपनी बेटियों के अलावा कथित बॉयफ्रेंड की तस्वीरें शेयर करती रहती हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने कुछ ऐसा पोस्ट किया, जिसे देखने के बाद कई लोग चौंक गए 

दरअसल, सुष्मिता ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी छह साल पुरानी एक बीमारी का खुलासा किया और साथ ही यह भी बताया कि वो अब इस बीमारी से निजाद पा चुकी हैं। 

अपने यूट्यूब चैनल पर सुष्मिता ने नानचाकू से वर्कआउट करते हुए एक वीडियो शेयर किया है। बता दें नानचाकू, मार्शल आर्ट का एक हथियार है, जिसमें दो स्टिक्स एक चेन से जुड़ी होती हैं। 

वीडियो में इस वर्कआउट से जुड़ने की कहानी भी सुष्मिता ने सुनाई। सुष्मिता कहती हैं, 'मुझे सितंबर 2014 में 'एडिसन' नाम की एक ऑटो इम्यून डिसीज हो गई थी। इसके बाद मेरे शरीर में हमेशा दर्द, थकान बनी रहती थी। साथ ही फ्रस्टेशन और अग्रेशन भी बढ़ता गया।'

अपना हाल बयां करते हुए कहती हैं, 'आंखों के नीचे काले घेरे हो गए। मैं बता नहीं सकती कि चार साल तक मैंने कैसे इस बुरे दौर को झेला। इस दौरान स्टेरॉयड लेने पड़ते थे, जिसके शरीर पर कई साइड इफेक्ट भी झेलने पड़ते थे।'

बीमारी के दिनों पर कहती हैं, 'किसी बीमारी के साथ जीवन जीना बेहद पीड़ादायक होता है, लेकिन एक दिन बहुत हुआ। मैंने अपने मन को मजबूत करने की सोची और शरीर को भी उसके लिए तैयार किया। मैंने नानचाकू से मेडिटेट करना शुरू किया।' 

नानचाकू वर्कआउट की तारीफ करते हुए सुष्मिता ने कहा, 'इस वर्कआउट से मेरा एग्रेशन बाहर निकल गया। मैं इस आर्ट फॉर्म के जरिये इस दर्द से बाहर निकल गई। मेरे एड्रिनल ग्लांड्स जाग गईं, कोई स्टेरॉयड भी नहीं लेने पड़े और फिर 2019 में ऑटो इम्यून कंडीशन खत्म हो गई।अपने शरीर से बेहतर आपको कोई नहीं जानता, उसे जरूर सुनिए। हम सबके अंदर एक योद्धा मौजूद है। कभी हार नहीं मानिए। इस यात्रा में मेरा साथ देने के लिए टीचर नुपुर शिखरे का धन्यवाद।' 



क्या होती है एडिसन

एडिसन डिसीज, तब होती है, जब शरीर में एड्रिनल ग्रंथियां कम मात्रा में कोर्टिसोल बनाने लग जाती है। साथ ही यह एल्डोस्टेरोन भी कम बनाती है, जिससे एड्रिनल इंसफिशिएंसी होने लगती है और शरीर में थकान, मतली, चक्कर आना और त्वचा का रंग काला पड़ना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

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