#BoycottNetflix क्यों हो रहा है ट्रेंड?



ट्विटर पर #BoycottNetflix ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, पूरा मामला तेलुगू फिल्म 'कृष्ण एंड हिज लीला' को लेकर है। इस फिल्म में 'कृष्णा' नाम के वुमेनाइज़र की कहानी दिखाई गई है। दर्शक 'कृष्णा' के किरदार की तुलना 'भगवान कृष्ण' से कर रहे हैं। ऐसे में दर्शकों का आरोप है कि नेटफ्लिक्स इस तरह का कंटेंट दिखा कर भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है। 

Boycotthenetflix trending becouse of film krishna and his leela
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को बॉयकाट की मांग सोशल मीडिया पर पूरजोर तरीके से उठ खड़ी हुई है। यहां तक कि #BoycottNetflix ट्रेंड करने लगा है। इस हैशटैग के साथ लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

सोशल मीडिया यूज़र्स ने किसी भी धर्म के भगवान का अपमान ना करने की अपील करते हुए नेटफ्लिक की आलोचना की है। साथ ही इसके बॉयकाट की अपील भी करने लगे हैं।

दरअसल, यूजर्स के इस मांग के पीछे तेलुगू फिल्म 'कृष्ण एंड हिज लीला' नाम की फिल्म है। फिल्म में 'कृष्णा' नाम के वुमेनाइज़र की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे वह एक के बाद एक कई लड़कियों के साथ अफेयर्स और सेक्सुअल रिलेशंस बनाता है।

ऐसे में लोग फिल्म के किरदार कृष्णा की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया यूजर्स का कहाना है कि नेटफ्लिक्स सेक्सुअल कंटेंट दिखाकर हमारी संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

इस फिल्म को रविकांत पेरेपु ने निर्देशित किया है। फिल्म में सिद्धू जोनलगड्डा और श्रद्धा साईंनाथ मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा फिल्म में दो फीमेल किरदारों के नाम 'सत्यभामा' और 'राधा' भी हैं। इस बात से भी नेटिजन्स खासे खफा हैं। 

फिल्म 'कृष्ण एंड हिज लीला' 25 जून को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ की गई है। इस फिल्म के निर्माताओं में फिल्म 'बाहुबली' के 'भल्लालदेव' यानी राणा दग्गूबटी भी शामिल हैं, जिसकी वजह से राणा भी लोगों के गुस्से के निशाने पर हैं।

एक यूजर ने लिखा, 'क्या आप लोग जानबूझकर हमारे महान हिंदू भगवान कृष्ण को अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने मानवता को भगवदगीता दी। राणा दग्गूबटी ने आपने ऐसा क्यों किया। आपने कृष्ण को एक वुमेनाइज़र के रूप में कैसे दिखा दिया?'

वहीं एक अन्य यूजर ने 'कृष्ण' किरदार को इस तरह दिखाये जाने के साथ 'राधा' के नाम पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे एक पूरे सुमदाय के खिलाफ प्रोपेगैंडा बताया।

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