प्रकाश झा के 'आश्रम' के शुद्धिकरण सीन में हुई थी असल में दूध और फूल की बारिश

बॉबी देओल की मुख्य भूमिका वाली वेब सीरीज़ 'आश्रम' के एक सीन को फिल्माने के लिए निर्देशक प्रकाश झा ने दूध और फूलों का बारिश कर दी। दरअसल, यह सीन शुद्धिकरण सीन है। पहली बार प्रकाश झा वेब सीरीज़ में हाथ आजमाने जा रहे हैं। वहीं बॉबी देओल के करियर की पहली वेब सीरीज़ है। 

Bobby Deol in web series  'Áashram'
प्रकाश झा पहली बार वेब सीरीज़ में हाथ आजमाया है। बतौर निर्मता-निर्देशक प्रकाश झा के करियर की पहली वेब सीरीज़ 'आश्रम' अब स्ट्रीमिंग के लिए तैयार है। 

सामाजिक, राजनीति मुद्दों पर फिल्म बनाने के महारथी प्रकाश झा की इस नई पहल को लेकर दर्शक पहले से ही काफी उत्साहित हैं। 

प्रकाश झा उन फिल्मकारों में से हैं, जो अपने हर सीन और किरदार को परफेक्ट बनाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा देते हैं। 

'आश्रम' ढोंगी धर्मगुरुओं के पृष्ठभूमि पर आधारित वेब सीरीज़ है। इस सीरीज में दूध , फूल और पालकी न हो ऐसा कैसे हो सकता हैं।

आपको बता दे कि एक शुद्धिकरण के दृश्य को दर्शाने के लिए दूध से एक्टर तुषार पांडेय को नहलाया गया। जी हां, सत्ती का किरदार निभा रहे एक्टर तुषार पांडेय का एक शुद्धिकरण सीन शूट होना था उस वक़्त जनवरी में अयोध्या में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।

सीन को असल शुद्धिकरण का स्पर्श देने ले लिए असल पालकी, गुलाब के पंखुड़ी और दूध से से तुषार पांडेय को सराबोर किया गया जबकि ठंड में उनके हालत पतली हो रही थी।

इस सी को लेकर तुषार कहते हैं, ‘इस सीन में मुझे दूध से नहाना था और फिर मुझे 100 अनुयायी पालकी में बिठाकर ले जा रहे थे। उस रात बहुत ठंड थी, मुझ पर गुलाब की पंखड़ियों से दूध डाला जा रहा था। मुझे ठंड न लगे इसीलिए दूध को हल्का गरम किया गया था । बॉबी सर मुझे देखकर हंस रहे थे, क्योंकि कड़ाके की रात में ये सीन मुझे बार-बार करना था, लेकिन प्रकाश सर की मौजूदगी और उनकी कुशलता से शुद्धिकरण का ये सीन काफी अच्छे से शूट हुआ।’

इतना ही नही कड़ाके की ठंड में शूट करना सबके लिए इतना आसान नही था। अभिनेत्री के लिए दिन भर साड़ी में रहकर ठिठुरती थी जैसे ही शूट हो जाता वो झट से अपने जैकेट के अंदर छिप जाती थी, तो कोई आग जलाकर हाथ सेंकने में लग जाता था। यू पी के ठंड ने सबकी हालत खराब कर दी थी, लेकिन इन सबके बावजूद सभी ने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया।

...फिर आप तैयार हैं बाबा निराला से मिलने के लिए।

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