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शाहरुख़ की 'रईस' मुश्किल में

शाहरुख़ खान क आगामी फिल्‍म 'रईस' एक बार फिर मुश्‍किल में फंसती नज़र आ रही है। हाल ही रिलीज़ डेट को लेकर असमंजस में रही इस फिल्‍म पर अब मानहानि का दावा भी किया गया है। गुजरात के गैंगस्टर रहे अब्दुल लतीफ के बेटे मुश्‍ताक़ अहमद शेख की याचिका पर अहमदाबाद के एक कोर्ट ने शाहरुख के प्रोडक्शन हाउस को नोटिस भेजा है। मुश्‍ताक़ ने अपनी याचिका में 101 करोड़ की मानहानि का दावा भी किया है।

एक्‍टर शाहरुख़ खान
मुंबई। शाहरुख़ खान की अाागामी फिल्‍म 'रईस' को लेकर गुजरात की एक कोर्ट ने नोटिस भेजा है। गुजरात के गैंगस्टर रहे अब्दुल लतीफ के बेटे की याचिका पर अहमदाबाद के एक कोर्ट ने शाहरुख़ के प्रोडक्शन हाउस को एक नोटिस भेजा है। बता दें कि यह फिल्म लतीफ की लाइफ पर आधारित है। 

इसलिए उसके बेटे मुश्ताक़ अहमद शेख ने कोर्ट में याचिका लगाई है। पिता का नाम खराब करने का लगाया आरोप लगाते हुए, हर्जाना मांगा है। 'रईस' में शाहरुख खान के अलावा नवाजुद्दीन सिद्दकी और माहिरा खान प्रमुख भूमिका में है।


11 मई तक देना होगा जवाब

अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर अब्दुल लतीफ के बेटे द्वारा दायर एक केस के जवाब में शाहरुख की निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया। उन्होंने उनके दिवंगत पिता को बदनाम करने के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की।

शहर की दीवानी अदालत के न्यायाधीश आरटी वत्सानी ने खान की निर्माण कंपनी ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ और सह निर्माताओं ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ एवं ‘राहुल ढोलकिया प्रोडक्शन्स’ को नोटिस जारी किए। उनसे 11 मई तक जवाब देने को कहा गया है।

101 करोड़ का हर्जाना 

मुश्ताक़ अहमद शेख ने अपनी याचिका में लिखा है कि शाहरुख़ खान की फिल्म उनके पिता का नाम खराब कर रही है। यही नहीं, उन्होंने इस बाबत हर्जाने की मांग करते हुए 101 करोड़ की मानहानी का दावा किया है। मुश्ताक़ ने फिल्म की रिलीज और प्रमोशनल मटेरियल के जारी होने पर भी रोक की मांग की है। उनका कहना है कि फिल्म के दूसरे हिस्से में लतीफ को गलत तरीके से पेश किया गया है। 

मुश्‍ताक़ का कहना है कि फिल्म की स्क्रिप्ट लिखे जाने के क्रम में कुछ लोगों ने उनके परिवार से संपर्क किया था। फिल्म के निर्माता इस बात का प्रचार भी कर रहे हैं कि फिल्म लतीफ की जिंदगी पर आधारित है। 

इज्‍जतदार ज़‍िंंदगी जी रहे हैं

मुश्ताक़ ने कहा कि मेरे पिता अब्दुल लतीफ को मरे कई साल हो चुके हैं। आज हमारा परिवार समाज में एक अच्छी और इज्जतदार जिंदगी बसर कर रहा है। ऐसे में एक बार फिर लोग मेरे पिता लतीफ की पुरानी जिंदगी के बारे में बात करने लगे हैं। इससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मैं एक बिल्‍डर हूं और मेरे बच्‍चे अच्‍छे स्‍कूल में पढ़ते हैं। ऐसे में मेरे पिता की जिंदगी पर फिल्‍म बनाने की क्‍या जरूरत है। 

कौन था डॉन अब्दुल लतीफ

अब्‍दुल लतीफ सत्‍तर के दशक का मशहूर शराब तस्‍कर था। अहमदाबाद के दरियापुर इलाक़े का अब्दुल ने कालूपुर ओवरब्रिज के पास देशी शराब बेचने की शुरुआत कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। धीरे-धीरे उसने अंग्रेजी शराब बेचनी भी शुरू कर दी।

इससे अच्छी कमाई कर लेने के बाद लतीफ ने शहर के कोट इलाके में रहने वाले बदमाशों को अपनी गैंग में शामिल किया और फिर हथियार की खरीद फरोख्‍त करने वाले शरीफ खान से हाथ मिला लिया। इस तरह लतीफ शराब के साथ-साथ हथियारों की तस्करी करने लगा। 


गुजरात में फैला था नेटवर्क

लतीफ ने चालाकी से छोटे मोटे गैंग्‍स में फूट डलवा कर, उन गैंग्‍स के सदस्‍यों को अपने गैंग में शामिल कर लिया था। गैंगस्‍टर के रूप में उसने अपनी पहचान तो बना ली थी, लेकिन किसी भी गैंगवार में सामने से नहीं अाया।

इस तरह अहमदाबाद के बाद उसका दबदबा पूरे गुजरात में फैल गया। लतीफ ने गुजरात में अवैध शराब बेचने का नेटवर्क इस कदर खड़ा कर लिया था कि कोई भी बुटलेगर (अवैध शराब बेचने वाला) बिना उसकी मर्जी से शराब नहीं बेच सकता था।

गरीबों का मसीहा

शहर के मुस्लिम इलाक़ों में लतीफ गरीबों के लिए मसीहा माना जाने लगा था, क्योंकि वह बेरोजगार युवकों को अपनी गैंग में शामिल कर लेता था।  इसकी वजह से उसे राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा था।

कहा जाता है कि इसी बीच अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी वडोदरा में ड्रग्स का नेटवर्क खड़ा कर चुका था। एक बार दाऊद और लतीफ के बीच गैंगवार छिड़ गया। लतीफ के गुर्गों ने दाऊद को घेर लिया और दाऊद को वडोदरा से भागना पड़ा।

म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव में पांच सीटों से जीता था

अब्दुल लतीफ पर 40 से भी अधि‍क हत्या के दर्ज थे, जबकि अपहरण के भी लगभग इतने ही मामलों में उसका नाम शामिल है। लतीफ की कोर्ट में ट्रायल चल रही थी। इसी दरमियान अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की चुनाव हुए थे।

लतीफ एक साथ पांच जगहों से खड़ा हुआ था और सभी जगहों से जीत भी गया था। एक साथ पांच सीटों पर जीतने से गुजरात की राजनीति में हड़कंप मच गया था। कहा जाता है कि यही वजह उसके एनकाउंटर का सबब बनी। लतीफ जेल में बैठकर भी अपना साम्राज्य चलाया करता था। जेल से बाहर आने के बाद उस पर एटीएस का शिकंजा कस गया था, जिससे वह गुजरात से भाग निकला था।

1997 में हुआ था एनकाउंटर

लतीफ को साल 1995 में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। उस पर 80 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस की थ्योरी के अनुसार लतीफ को दिल्ली से अहमदाबाद लाया गया था। साल 1997 में लतीफ को पुलिस जीप से जेल ले जाया जा रहा था।

इसी दौरान वह सरदारनगर इलाके में जीप से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा और पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। लतीफ की मौत के बाद भी काफी विवाद हुआ था। एनकाउंटर को फर्जी करार दिया गया था।

सुरोलिया ने किया था एनकाउंटर 

लतीफ का एनकाउंटर करने वाली टीम का नेतृत्व उस समय एके सुरोलिया कर रहे थे। वर्तमान में वे गुजरात के एटीएस चीफ हैं। वहीं, ‘रईस’ मूवी में नवाजुद्दीन आईजी के रोल में है, जो रईस का रोल कर रहे शाहरुख खान का एनकाउंटर करता है। ऐसी भी चर्चा है कि नवाजुद्दीन मूवी में सुरोलिया का ही रोल कर रहे हैं।

बताया जाता है कि कुछ दिन पहले नवाजुद्दीन सुरोलिया से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे थे। लेकिन, सुरोलिया ने उन्हें अपने ऑफिस में दो घंटे तक बिठाए रखा और चाय पिलाकर बिना मिले ही रवाना कर दिया था।

इसी बात को लेकर पुलिस बेड़े में चर्चा है कि नवाजुद्दीन कितनी भी कोशिश कर लें, दबंग सुरोलिया के पुलिस करियर के आसपास भी नहीं पहुंच सकते। एक पुलिस अधिकारी का तो यहां तक कहना है कि हर कोई सुरोलिया नहीं बन सकता।

निर्देशक बोले- लतीफ से लेना देना नहीं

वहीं दूसरी ओर लतीफ कि जिंदगी से जुड़ी इस फिल्म के बारे में जब मुश्ताक़ के जरीये फिल्म के निर्देशक राहुल ढोलकिया से बात कि गई, तो उन्होंने कहा कि 'रईस' का लतीफ की जिंदगी से कोई लेना-देना नहीं है।

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