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फिल्म समीक्षा : टाइगर ज़िंदा है

यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी सलमान खान और कटरीना कैफ स्टारर फिल्म ‘टाइगर ज़िंदा है’ शुक्रवार को रिलीज़ हो गई है। टिकट खिड़की पर रिलीज़ होने वाली यह इस साल की आख़िरी सीक्ववल फिल्म है। अली अब्बास ज़फर के निर्देशन में बनी फिल्म की आइए करते हैं समीक्षा। 

फिल्म टाइगर ज़िंदा है में सलमान खान और कटरीना कैफ
फिल्म :        टाइगर ज़िंदा है
निर्माता :      यशराज फिल्म्स 
निर्देशक :    अली अब्बास ज़फर 
कलाकार :  सलमान खान, कटरीना कैफ, सज्जाद डेलाफ्रूज, 
                   अंगद बेदी, कुमुद मिश्रा और गिरीश कर्नाड 
संगीत :       विशाल-शेखर 
जॉनर :       एक्शन-ड्रामा
रेटिंग :        4/5

साल 2012 में आई फिल्म ‘एक था टाइगर’ की सीक्वल ‘टाइगर ज़िंदा है’ रिलीज़ हुई है। जहां ‘एक था टाइगर’ को कबीर खान ने निर्देशित किया था, वहीं ‘टाइगर ज़िंदा है’ का निर्देशन अली अब्बास ज़फर ने किया। अली इससे पहले ‘सुल्तान’ का निर्देशन कर चुके हैं। अब ऐसे में उन्होंने क्या कुछ ख़ास कटरीना कैफ और सलमान खान से करवाया है, जानने के लिए करते हैं फिल्म का रिव्यू। 

कहानी 

यह फिल्म एक ऐसे मिशन की कहानी है, जिसमें 40 नर्सों की जान बचाई जाती है। 25 भारतीय और 15 पाकिस्तानी नर्सों की जान बचाने के लिए टाइगर (सलमान खान) और ज़ोया (कटरीना कैफ) निकल पड़ते हैं। इन नर्सों को आईएसआईएस ने बंधक बना रखा है। उधर अमेरिका का कहना है कि यदि भारत ने बंधक नर्सों को आईएसआईएस के चंगुल से नहीं छुड़वा पाया, तो बमबारी कर देखा। 

इसके बाद भारत और पाकिस्तान मिलकर नर्सों को छुड़वाने की बात करते हैं। इस काम के लिए भारत की तरफ से टाइगर, तो पाकिस्तान की तरफ से ज़ोया को चुना जाता है। 

अब उन नर्सों को टाइगर और ज़ोया किस तरह से छुड़वाते हैं। किन कठिनाइयों को सामना करना पड़ता है। क्या दोनों एजेंट्स में प्यार भी पनपता है, इन सबके लिए थिएटर का रूख करना होगा। 

समीक्षा

सबसे पहले बात करते हैं निर्देशन की। अली अब्बास ज़फर का निर्देशन तारीफ-ए-कमाल है। जिस तरह से उन्होंने बर्फीले पहाड़ों पर एक्शन, भेड़िये से भिड़ंत को फिल्माया है, वो पर्दे पर जबरदस्त लगता है। कटरीना-सलमान के एक्शन सीन्स भी शानदार हैं। फिल्म में डायलॉग्स भी अच्छे हैं। हालांकि, फिल्म कुछ लंबी है। 

अपने जाने-पहचाने जॉनर के साथ सलमान खान पर्दे पर छा गए हैं। सलमान के होते हुए भी कटरीना की मौजूदगी का अहसास होता है, यानी इस बार कैट ने मेहनत की है। वहीं कुमुद मिश्रा, सज्जाद डेलाफ्रूज, अंगद बेदी और गिरीश कर्नाड भी बेहतरीन रहे हैं। 

वहीं फिल्म का संगीत भी अच्छा ही है। कुछ गाने जैसे ‘स्वैग से स्वागत’ और ‘दिल दिया गल्लां’ फिल्म रिलीज़ से पहले ही लोगों के ज़बान पर चढ़ चुके थे।

ख़ास बात

यदि एक्शन से भरी मसालेदार फिल्म देखने के शौक़ीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ‘मस्ट वॉच’ है। वहीं अरसे से कैट-सलमान की जोड़ी देखना चाहते हैं, तो भी सिनेमाहाल का रुख कीजिए। 

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