'रामायण' के सेट को देखकर 'लक्ष्मण' सुनील लहरी क्यों हो गए थे हैरान?

रामानंद सागर की 'रामायण' की शूटिंग से लेकर स्क्रिप्ट तक को लेकर सुनील लहरी ने कई रोचक बातों का खुलासा किया। नेशनल चैनल दूरदर्शन के बाद अब 'रामायण' स्टार प्लस पर प्रसारित किया जा रहा है। धारावाहिक को मिल रही लोकप्रियता से सुनील के साथ इस धारावाहिक के बाकी कलाकार भी काफी खुश हैं। 

'lakshman aka sunil lahri share some trivia about 'ramayan'
नेशनल चैनल दूरदर्शन के बाद अब स्टार प्लस पर रामानंद सागर की 'रामायण' का प्रसारण शुरू हुआ है। इस धारावाहिक में 'लक्ष्मण' की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस धारावाहिक के स्टार प्लस पर टेलीकास्ट होने पर खुशी जाहिर की। 

वहीं पहले एपिसोड को देखने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर धारावाहिक 'रामायण' की शूटिंग से लेकर बिहाइंड द सीन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। 

'रामायण' के सेट पर 'लक्ष्मण' का पहला दिन

अपने वीडियो में सुनील कह रहे हैं, ''रामायण' की शूटिंग के पहले दिन मैं ट्रेन से शूटिंग के लिए पहुंचा था। स्टेशन पर मुझे रिसीव करने के लिए एक गाड़ी आई थी, जिसमें बैठ कर शूटिंग लोकेशन पर पहुंचा। शूटिंग की लोकेशन एक ऐसी वीरान जगह पर बना हुआ था, जहां 'रामायण' की यूनिट के अलावा दूर-दूर तक कोई और नहीं था। ये देखकर काफी हैरान था।'

इसके आगे वो कहते हैं, 'जब मैं अपने किरदार 'लक्ष्मण' की कॉस्ट्यूम पहनने के लिए चेंजिंग रूम में पहुंचा, लेकिन कॉस्टूयम मुझे फिट नहीं हो रही थी। इसके बाद कॉस्ट्यूम को दोबारा से मेरे हिसाब से फिट किया गया और फिर 'रामायण' की शूटिंग शुरू हुई।'

यानी शूटिंग का पहला दिन सुनील लहरी के लिए थोड़ा अजीब था, लेकिन आज जब सुनील 'रामायण' की कामयाबी को देखते हैं, तो उनको संतुष्टि मिलती है और अच्छा लगता है। उनका कहना है कि उस समय की गई उनकी मेहनत आज लोगों को काफी पसंद आ रही है। दर्शक उनके काम की काफी सराहना कर रहे हैं।

ख़ैर, सुनील आगे बताते हैं, 'पहले एपिसोड में जहां दशरथ संतान इच्छा का उपाय जानने के लिए एक ऋषि के पास जाते हैं। तब वे जिस जंगल में से होकर गुजरते हैं, वह एक खूबसूरत बीच था। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा था।'

'लक्ष्मण' का डर कहीं निकल न जाए 'उर्दू'

सुनील लहरी ने इस धारावाहिक के दौरान भाषाई दिक्कतों के बारे में भी बताया। वो कहते हैं, 'हम शूट करने से पहले रिहर्सल करते थे, उतनी हिंदी तो तब भी नहीं बोली जाती थी, लेकिन डायलॉग को याद करके हम सीन को दिया करते थे, जैसे कोई हीरो तमिल भाषा को सीखे बिना उसके डायलॉग बोल देता है। बिलकुल वैसा ही कुछ था। धीरे-धीरे शुद्ध हिंदी भी आराम से बोलने लग गए। हां कई शब्द बोलने में परेशानी होती थी। सीन में वो अटपटे नहीं लगे, इसलिए हम उन्हें कई बार दोहराते हुए प्रैक्ट‍िस कर लेते थे। सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखना पड़ता था कि कोई उर्दू का शब्द नहीं आए।'


'लक्ष्मण' की पहली सैलरी

सुनील लहरी ने इस धारावाहिक के लिए मेहनताने के बारे में भी एक इंटरव्यू में खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि इतनी सैलरी नहीं मिलती थी, कि आप अपना घर बनाने के बारे में सोच सकें। इस दौरान उन्होंने कहा था, 'बस इतना कहूंगा कि पीनट्स मिलते थे। तब इतना खर्चा भी नहीं था आज के जमाने की तरह।' 

अब भले ही सुनील ने वो नंबर्स नहीं बताए, लेकिन इतना ज़रूर बता दिया कि फीस काफी कम मिलती थी। 

बता दें कि रामानंद सागर द्वारा निर्मित-निर्देशित 'रामायण' का पहली बार प्रसारण साल 1987 में दूरदर्शन पर हुआ था। शो में अरुण गोविल ने राम, दीपिका चिखलिया ने सीता और अरविंद त्रिवेदी ने रावण का किरदार निभाया है। सभी कलाकार इन दिनों खूब चर्चा में हैं। फैंस अपने इन चहेते कलाकारों के लिए सम्मान की मांग भी कर रहे हैं।

लॉकडाउन के चलते धारावाहिक को दूरदर्शन पर प्रसारित किया था, जहां पर जबरदस्त टीआरपी मिली। अब इसके बाद एक बार फिर इसे स्टारप्लस पर प्रसारित किया जा रहा है। 

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